महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के नाम पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान इंद्रजीत नट्टोजी के रूप में हुई है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वादिनी पुनीत सिक्का, जो मैसर्स आईक्यू की निदेशक हैं, ने महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए 2 जनवरी 2025 को मैसर्स इन्क पिक्चर्स और एमकोड वेंचर्स एलएलपी के साथ अनुबंध किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 5 करोड़ 60 लाख 21 हजार 304 रुपए (जीएसटी सहित) का भुगतान किया गया था।
आरोप है कि अभियुक्तों ने वादिनी और संबंधित कंपनी को विश्वास में लेकर फर्जी बिल, कूटरचित अनुबंध और भ्रामक दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपए का दुरुपयोग किया और डॉक्यूमेंट्री भी तैयार नहीं की।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने प्रोजेक्ट में काम कर रहे कर्मचारियों के भोजन और कैटरिंग के नाम पर करीब 75 लाख रुपए के हाथ से लिखे हुए फर्जी भोजन बिल पेश करके भुगतान ले लिया। इसके अलावा, काम पूरा न करने की धमकी देकर करीब 20 लाख रुपए की जबरन वसूली की गई और शूटिंग व स्टूडियो किराए के नाम पर भी अतिरिक्त पैसे मांगे गए।
ईओडब्ल्यू की विवेचना के दौरान मौखिक, दस्तावेजी, डिजिटल और परिस्थितिजन्य सभी साक्ष्यों की कानूनी रूप से जांच और समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि नामजद अभियुक्त इंद्रजीत नट्टोजी और 5 अन्य अभियुक्तों ने एक राय होकर आपराधिक साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने शासन द्वारा प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय महत्व की ऐतिहासिक परियोजना में वादिनी संस्था के साथ धोखाधड़ी, फर्जी बिलों और अनुबंधों को बनाना और असली के रूप में इस्तेमाल करना, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और 50 टीबी से अधिक फुटेज की चोरी कर लगभग 7 करोड़ रुपए से अधिक का गबन किया है।
घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई से गिरफ्तार किया। आरोपी का पूरा पता इंद्रजीत नट्टोजी पुत्र बालाचंद्रा, निवासी रत्नाकर बिल्डिंग के सामने, अंधेरी वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र है। गिरफ्तारी थाना क्षेत्र वर्सोवा, अंधेरी वेस्ट, मुंबई से की गई है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


Leave feedback about this