मंडी जिले की करसोग तहसील में साल के पहले नौ महीनों के दौरान राजस्व से जुड़े 1,570 मामलों का निपटारा किया गया। अधिकारियों ने बुधवार को करसोग में आयोजित एक बैठक में यह जानकारी दी। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में करसोग तहसील और पांगना एवं बगसियाद उप-तहसीलों में राजस्व संबंधी मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने विभिन्न पटवार मंडलों के माध्यम से निपटाए जा रहे जनहित से संबंधित कई मामलों की समीक्षा की, जिनमें भूमि परिवर्तन, विभाजन, सीमांकन, जमाबंदी और सुधार शामिल थे। निपटाए गए मामलों में से 1,273 भूमि परिवर्तन से, 85 विभाजन से, 110 सीमांकन से, 65 सुधार से और 37 अन्य मामलों से संबंधित थे।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि छह महीने से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाए और उनका जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के समय पर समाधान से निवासियों को सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता कम हो जाएगी।
देवगन ने कहा कि करसोग तहसील में राजस्व संबंधी कार्यों का काफी भार है और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और समयबद्ध तरीके से उनका निपटारा करने के लिए एक प्रभावी कार्य योजना का पालन करें।
उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि जनता से संबंधित राजस्व मामलों का समय पर निपटान प्रशासनिक प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने काम में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राजस्व सेवाएं नागरिकों को सरल, सुलभ और समय पर उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा, करसोग की एसडीएम अलीशा चौहान, तहसीलदार पृथ्वी चंद और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

