हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को गुरुग्राम में बन रहे श्री शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एमबीबीएस सीटों और अस्पताल के बिस्तरों दोनों में हरियाणा के निवासियों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत परियोजना के संचालन और रखरखाव पर कैबिनेट उप-समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के युवाओं और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हों।
इस बैठक में उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आरक्षित एमबीबीएस सीटों के लिए शुल्क राज्य के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के स्तर के अनुरूप रखा जाए, ताकि स्थानीय छात्रों के लिए यह वहनीय हो सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सैनी ने निर्देश दिया कि आरक्षित अस्पताल बिस्तरों को आयुष्मान भारत योजना के साथ एकीकृत किया जाए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को इस सुविधा में मुफ्त उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
खेरकी माजरा के सेक्टर 102ए में 30.75 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का विकास किया जा रहा है, जिसमें 150 एमबीबीएस सीटें और 850 अस्पताल बिस्तर होंगे। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, इस परियोजना का कुल बजट 679.08 करोड़ रुपये है, जिसमें से लगभग 500 करोड़ रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं।
इस निधि का वितरण गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) और श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा 50:45:5 के अनुपात में किया जा रहा है। इस परियोजना के 31 अगस्त, 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है, जबकि निजी बोलीदाता को इसका परिचालन 31 अक्टूबर, 2026 तक सौंपे जाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को देखते हुए गुरुग्राम भर में 100 से 150 बिस्तरों वाले तीन से चार अतिरिक्त अस्पतालों के प्रस्ताव तैयार करने के लिए भी कहा।


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