पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने चालू धान खरीद सीजन के दौरान करनाल अनाज मंडी के बाहर स्थित आईपी एड्रेस से कथित तौर पर फर्जी गेट पास जारी करने से संबंधित मामले में करनाल मार्केट कमेटी की सचिव आशा रानी और नीलामी रिकॉर्डर यशपाल कुमार को अंतरिम जमानत दे दी है।
अंतरिम जमानत देते हुए न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने आरोपी को निर्देश दिया कि जब भी आवश्यकता हो, वह जांच में शामिल हो और धारा 482(2), बीएनएसएस के तहत निर्धारित शर्तों का पालन करे।
आशा रानी और तीन अन्य कर्मचारियों—दुहनपुर विरान (इंद्री) के राजेंद्र कुमार, दादूपुर रोरान के अमित कुमार और नरुखेड़ी के अजय कुमार—पर गेट पास जारी करने में अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करने का मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर मंडियों के बाहर जारी किए गए फर्जी गेट पास के जरिए कथित अनियमितताओं और ‘छिपी हुई’ खरीद से संबंधित है।
इससे पहले, 13 नवंबर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार ने आशा रानी और यशपाल की अग्रिम ज़मानत याचिकाएँ खारिज कर दी थीं। 20 नवंबर को उनकी गिरफ़्तारी पर 28 नवंबर तक रोक लगा दी गई थी। दो मिल मालिकों को अग्रिम जमानत मिली
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश करनाल रजनीश कुमार ने इंद्री के नन्हेरा गाँव स्थित एएस राइस मिल्स के मालिक अशोक कुमार और संजय कुमार को अग्रिम ज़मानत दे दी है। उन पर उनकी मिल में धान की कथित कमी के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।


Leave feedback about this