राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को मौजूदा समय में जरूरी बताया। उन्होंने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत फर्जी मतदाताओं को चिन्हित किया जा रहा है। इसके तहत उन्हीं मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में रहेगा, जो मूल रूप से भारत के निवासी हैं और उन्हें यहां की नागरिकता प्राप्त है, जिनके पास वैध दस्तावेज मौजूद हो।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ अर्जित करने के मकसद से यहां अवैध रूप से रह रहे लोगों को भारत की नागरिकता प्राप्त करने में मदद की। ऐसे लोगों को ना सिर्फ भारत की नागरिकता प्राप्त हुई, बल्कि उन्हें मतदान का अधिकार भी प्राप्त हुआ। यहां उन्हें रहने दिया गया है, ऐसे लोगों को वो सभी सुविधाए मिली, जो कि आमतौर पर किसी देश के नागरिक को दी जाती है। यह सबकुछ सिर्फ राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के मकसद से किया गया। इसी को देखते हुए हमारे लिए यह जरूरी हो गया था कि हम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू करें, ताकि फर्जी तरीके से भारत में रह रहे लोगों को चिन्हित किया जा सके। हमें विशेष गहन पुनरीक्षण के कदम का स्वागत करना चाहिए। इसे लेकर किसी भी प्रकार के किंतु-परंतु स्वीकार नहीं होना चाहिए।
अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के संविधान के मुताबिक, सिर्फ यहां के निवासियों को ही मतदान का अधिकार दिया जा सकता है। किसी अन्य देश के लोगों को भला यहां की मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने का मौका कैसे दिया जा सकता है। मौजूदा समय में बड़ी संख्या में यहां पर घुसपैठिए रह रहे हैं। ऐसी स्थिति में ऐसे लोगों को चिन्हित करने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जरूरी हो जाती है।
उन्होंने कहा कि यहां रह रहे फर्जी लोगों को चिन्हित करने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जरूरी हो जाती है, क्योंकि ऐसा नहीं होने की वजह से पिछले 70 सालों से वोट की राजनीति हो रही थी, जो कि पूरी तरह से अनुचित है।


Leave feedback about this