January 2, 2026
Entertainment

‘शाहरुख फैसला वापस लें’, महंत रविंद्र पुरी ने किया केकेआर में मुस्तफिजुर रहमान को लेने का विरोध

‘Shah Rukh should reverse his decision’, Mahant Ravindra Puri opposes KKR’s decision to sign Mustafizur Rahman

देश में इंडियन प्रीमियर लीग 2026 को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन इस बार यह केवल खेल तक सीमित नहीं रह गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा जाना विवाद का केंद्र बन गया है। इसको लेकर केकेआर के मालिक और अभिनेता शाहरुख खान का विरोध हो रहा है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की। आईएएनएस से बात करते हुए महंत रविंद्र पुरी ने कहा, ”शाहरुख खान को जो भी सम्मान और पहचान मिली है, वह भारत और यहां के लोगों की वजह से है। ऐसे में उन्हें देशवासियों की भावनाओं और राष्ट्रहित का पूरा सम्मान करना चाहिए।”

महंत ने आगे कहा, ”देश विरोधी सोच या ऐसे निर्णय, जो देश की भावनाओं के खिलाफ हों, किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इससे हमारी आस्था को ठेस पहुंची है। मैं चाहता हूं कि शाहरुख अपने इस फैसले को वापस लें।”

महंत रविंद्र पुरी के बयान से पहले ही कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। देवकीनंदन ठाकुर ने केकेआर और शाहरुख खान पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को यहां लाना सही नहीं था।

उन्होंने कहा, ”अगर कोई टीम उसे खरीदती है, तो यह केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं है बल्कि सामाजिक और भावनात्मक संवेदनाओं के खिलाफ है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा हो रही है और ऐसे में यह निर्णय संवेदनाओं के अनुरूप नहीं है।”

देवकीनंदन ठाकुर ने चेतावनी दी कि अगर मुस्तफिजुर को टीम से नहीं हटाया गया, तो पूरी केकेआर टीम का बहिष्कार किया जा सकता है। ऐसे खिलाड़ियों को खरीदने से पहले यह सोचना चाहिए था कि इस निर्णय से देशवासियों की भावनाओं पर क्या असर पड़ेगा।

मुस्ताफिजुर रहमान को केकेआर ने 9.20 करोड़ रुपये की बड़ी रकम में खरीदा है। बीसीसीआई ने हालांकि स्पष्ट किया है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर रोक लगाने का निर्णय केवल सरकार के आदेश पर ही लिया जाएगा। बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि मुस्तफिजुर टी20 वर्ल्ड कप के लिए वीजा अप्लाई करेंगे और इसके जरिए आईपीएल में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

बता दें कि बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसे लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जताई थी। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने इसे गुमराह करने वाला बयान करार दिया और आरोप लगाया कि दीपू चंद्र दास एक लिस्टेड अपराधी था। इसके बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है।

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