भाजपा सांसद एवं वरिष्ठ नेता नारायण राणे ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। रविवार को अपने गृह क्षेत्र रत्नागिरी में एक सार्वजनिक सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब कहीं तो रुकना पड़ता है।
नारायण राणे ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसा नहीं है कि सिर्फ काम करते रहना चाहिए, आखिर ये शरीर है न। आदमी को लगता है कि कहीं तो रुकना चाहिए। अब दोनों बेटे कार्यरत हैं, तो कोई तो घर का व्यवसाय भी देखना चाहिए।” राणे महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कई दशकों तक पार्टी और जनता के लिए काम किया, लेकिन अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।
राणे ने अपने दोनों बेटों, नितेश राणे और निलेश राणे, का जिक्र करते हुए कहा कि वे दोनों अब सक्रिय रूप से राजनीति और सामाजिक कार्यों में लगे हुए हैं। उन्होंने इशारा किया कि परिवार के व्यवसाय और निजी जीवन को भी समय देना जरूरी हो गया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में भाजपा और महायुति की सरकार मजबूत स्थिति में है। राणे ने 2024 के लोकसभा चुनाव में रत्नागिरी-रायगढ़ सीट से जीत हासिल की थी। हालांकि, हाल के महीनों में उनकी सक्रियता में कुछ कमी दिखाई दी थी, जिससे राजनीतिक हलकों में उनकी सेवानिवृत्ति की अटकलें लगने लगी थीं।
राणे ने समारोह में मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “मैंने हमेशा पार्टी के निर्देश पर काम किया। अब जब मेरे बच्चे तैयार हैं, तो मुझे लगता है कि अब मेरी बारी है कि मैं थोड़ा आराम करूं।” उन्होंने यह भी कहा कि वे पूरी तरह से राजनीति से दूर नहीं होंगे, लेकिन सक्रिय राजनीति से दूरी बनाना चाहते हैं।


Leave feedback about this