पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने आज कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए उस पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) में सुधारों को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि प्रस्तावित “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025” से परिवर्तनकारी बदलाव आएंगे और इसे एमजीएनआरईजीए को खत्म करने के प्रयास के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक हताशा के चलते यह गलत सूचना फैला रही है कि एनडीए सरकार एमजीएनआरईजीए को समाप्त करना चाहती है, जबकि नया मिशन इस योजना का उन्नत और अधिक प्रभावी संस्करण है। ठाकुर ने बताया कि एमजीएनआरईजीए में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, जबकि नए मिशन में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया जाएगा और इसका मुख्य उद्देश्य न केवल रोजगार बल्कि स्थायी आजीविका सृजन भी होगा। भुगतान साप्ताहिक चक्र में 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा, और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और बायोमेट्रिक निगरानी की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
वित्तीय सहायता पर प्रकाश डालते हुए ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च वहन करेगी, जबकि राज्यों का योगदान केवल 10 प्रतिशत होगा। उन्होंने बजट के आंकड़े भी प्रस्तुत किए और बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में एमजीएनआरईजीए के लिए आवंटित राशि 2014 में 33,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2020-21 में 1.10 लाख करोड़ रुपये हो गई है, और हाल के बजटों में भी इसके लिए मजबूत प्रावधान किए गए हैं।
ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि यह मिशन “विकसित भारत 2047” के विजन के अनुरूप है, जो कौशल विकास, शिक्षुता, स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय रोजगार सृजन के माध्यम से पलायन को रोकने पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा कि यदि आवेदन के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो पात्र आवेदकों को राज्य सरकारों द्वारा वित्त पोषित बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति का भी आरोप लगाया। नालागढ़ में एक पुलिस स्टेशन के पास हुए विस्फोट और धर्मशाला में एक कॉलेज छात्र की मौत जैसी हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए ठाकुर ने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की शांतिपूर्ण संस्कृति के खिलाफ हैं। उन्होंने राज्य सरकार से उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच के आदेश देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया, साथ ही चेतावनी दी कि कानून प्रवर्तन पर जनता का विश्वास कम हो रहा है।


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