वांछित भगोड़ा और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया और आज दिल्ली हवाई अड्डे पर हरियाणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस जारी किए जाने के बाद सीबीआई ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से अमन को देश से बाहर निकाला। अमन हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।
उसके पहुंचते ही हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), गुरुग्राम की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। अमन को इससे पहले भारत में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसे जमानत मिल गई थी और बाद में वह बिना मुकदमे का सामना किए फरार हो गया था।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि अमन अपना खुद का गिरोह चलाता था और रोहित गोदारा गिरोह से भी उसके संबंध थे। वह सोनीपत, रोहतक, झज्जर और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हत्या, हत्या के प्रयास, गोलीबारी, जबरन वसूली और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन के कई मामलों में शामिल है। हरियाणा और दिल्ली में उसके खिलाफ कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से छह उसके विदेश भागने से पहले के हैं।
एसटीएफ के महानिरीक्षक बी सतीश बालन ने बताया कि गैंगस्टर को दो महीने पहले अमेरिका में हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा, “सभी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद आखिरकार उसे अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया और आज दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया।”
उन्होंने आगे बताया कि अमन जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके भारत से भाग गया था। बालन ने कहा, “जांच में पता चला कि गैंगस्टर भैंसवाल ने पूर्वी दिल्ली के पते पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से पासपोर्ट हासिल किया था। 20 जून, 2024 को वह इस अवैध पासपोर्ट का इस्तेमाल करके कुवैत गया और फिर दुबई और उसके बाद अमेरिका में दाखिल हुआ।”
सोनीपत के गोहाना सदर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया और अमन को भगोड़ा घोषित कर दिया गया, जिसके बाद अमेरिका में उसका पता लगाकर उसकी भौगोलिक स्थिति का पता लगाया गया।
बालन ने बताया कि दो अन्य अपराधी फिलहाल अमेरिका में हिरासत में हैं, जबकि दो अन्य जॉर्जिया और आर्मेनिया में हैं और उन्हें जल्द ही प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “अमन भैंसवाल का प्रत्यर्पण एसटीएफ हरियाणा की उस विस्तारित वैश्विक रणनीति का स्पष्ट प्रमाण है, जिसका उद्देश्य विदेशों में शरण लिए हुए भगोड़ों को पकड़ना है।” उन्होंने आगे बताया कि इस ऑपरेशन में डेढ़ साल से अधिक का समय लगा और इसमें इंटरपोल और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय शामिल था।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए डीजीपी अजय सिंघल ने कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा, “जो लोग सोचते हैं कि वे देश की सीमाओं से बाहर छिप सकते हैं या फर्जी पहचान के जरिए कानून से बच सकते हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि हरियाणा पुलिस की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। भारत हो या विदेश, हर भगोड़े को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। हरियाणा कानून-व्यवस्था का राज्य है, अपराधियों का पनाहगाह नहीं।”


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