आम आदमी पार्टी ने भाजपा के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर सिख गुरु का अपमान करने का आरोप लगाया है। ‘आप’ नेताओं ने गुरुवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है।
पत्र में आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया और उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की गई। आप नेताओं ने दावा किया कि राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर ये आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ‘आप’ नेता संजीव झा, मुकेश अहलावत और विधायक जरनैल सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पूरे प्रकरण की जानकारी दी।
आम आदमी पार्टी के नेता संजीव झा ने कहा कि हमने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में तीन तरह की मांग की है, जिसमें सबसे पहले हमने भाजपा नेता कपिल मिश्रा की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। संजीव झा का आरोप है कि कपिल मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर झूठे वीडियो पोस्ट किए थे, जिनका सत्यता से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने मांग की है कि भाजपा के जितने भी विधायकों ने अध्यक्ष को पत्र लिखा है, उनकी सदस्यता छह महीने के लिए रद्द की जाए। साथ ही उस वीडियो को सार्वजनिक किया जाए, जिसके आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि विवादित टिप्पणी की गई है, ताकि जनता को भी इस पूरे मामले की सच्चाई पता चल सके।
भाजपा की तरफ से आतिशी से माफी की मांग किए जाने पर संजीव झा ने कहा कि कायदे से माफी तो भाजपा को मांगनी चाहिए, क्योंकि इन लोगों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सिख गुरु का भी नाम घसीटने से गुरेज नहीं किया।
संजीव झा ने कहा कि हमें विधानसभा स्पीकर की तरफ से आश्वस्त किया गया है कि इस पूरे मामले को संज्ञान में लेने के बाद त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हमने दो वीडियो चलाए, जिसमें हमने यह बताने की कोशिश की है कि मूलत: आतिशी की तरफ से क्या कहा गया था और इन लोगों ने राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर इसमें कैसे फेरबदल किए। यह सब कुछ ये लोग राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए कर रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि जब हमें रॉ वीडियो उपलब्ध करा दिया जाएगा, तो निश्चित तौर पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
‘आप’ विधायक मुकेश अहलावत ने भी आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने भ्रामक वीडियो बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। हमारी मांग है कि इस पूरी घटना का असली वीडियो भी सार्वजनिक किया जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। हमने मांग की है कि कपिल मिश्रा ने गुरु का जिक्र करके राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की है, लिहाजा उनका इस्तीफा लिया जाए। भाजपा के लोग सिख गुरु का इस्तेमाल करके राजनीतिक लाभ अर्जित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘आप’ विधायक जरनैल सिंह ने भी वीडियो को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने भ्रामक वीडियो को सार्वजनिक कर दिल्ली की जनता को गुमराह करने की कोशिश की है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह पूरी तरह से अनुचित है। हमारी मांग है कि इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, इस पूरे मामले पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी पत्रकारों से बातचीत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वीडियो की जांच कराई जाए। सच्चाई सामने आ जाएगी। आतिशी में अगर हिम्मत होती, तो वे सदन का सामना करतीं, लेकिन अफसोस कि वे सदन से गायब हैं। उन्होंने कहा कि आतिशी ने जो किया है, उसे माफ नहीं किया जा सकता। 1947 से लेकर आज तक किसी ने भी गुरु का अपमान नहीं किया और मैं अरविंद केजरीवाल से भी कहना चाहता हूं कि अगर वो इस पूरे मामले के पक्ष में हैं, तो गुरु पर श्रद्धा रखने वाला कोई भी व्यक्ति उन्हें माफ नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को शर्म आनी चाहिए। आतिशी ने पाप किया है। अरविंद केजरीवाल उनका समर्थन करके उससे भी बड़ा पाप कर रहे हैं। आप लोगों ने इसी सदन में गुरुओं के नाम से इतने बड़े भाषण दिए, लेकिन आज आप खामोश हैं। अरविंद केजरीवाल को आतिशी से पूछना चाहिए था कि तुमने इतना बड़ा पाप क्यों किया?
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आतिशी को गुरु पर आस्था रखने वाला कोई भी व्यक्ति कभी माफ नहीं करेगा। इन दोनों को अपने किए की सजा जरूर मिलेगी।


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