जिला अटॉर्नी (डीए) कुलभूषण गौतम ने बताया कि कुल्लू के विशेष न्यायाधीश-I प्रकाश चंद राणा की अदालत ने मादक औषधि एवं मनोविकृति पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत दर्ज एक मामले में चरस रखने के आरोप में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया है। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान बिलासपुर जिले की श्री नैना देवी तहसील के मंडियाली गांव निवासी दीप कुमार के रूप में हुई है।
गौतम ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दीप को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत दोषी पाया और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई तथा 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने आगे कहा कि जुर्माना न भर पाने की स्थिति में दोषी को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
उन्होंने बताया कि 19 फरवरी, 2022 को बंजार पुलिस की एक टीम ने लारजी रोड पर नियमित गश्त के दौरान फागुपुल के पास रजिस्ट्रेशन नंबर (CH-01-AE-5100) वाली एक कार को रोककर जांच की। तलाशी लेने पर पुलिस को कार की आगे की सीट पर रखे एक बैग से 1.23 किलोग्राम चरस बरामद हुई। उन्होंने आगे बताया कि बरामदगी के बाद बंजार पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जिला अटॉर्नी ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए 12 गवाहों से पूछताछ की। पेश किए गए सबूतों और अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही के आधार पर, अदालत ने दीप को व्यावसायिक मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री रखने का दोषी पाया।


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