भाजपा के कुरुक्षेत्र सांसद नवीन जिंदल ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी अधिनियम) को लाना ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।
कैथल स्थित पार्टी के जिला कार्यालय, कपिल कमल भवन में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए जिंदल ने कहा, “नया अधिनियम एमजीएनआरईजीए में संशोधन है, जिसका उद्देश्य न केवल रोजगार प्रदान करना है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करना, उच्च मजदूरी प्रदान करना और ग्रामीण श्रमिकों के लिए बेहतर कार्य अवसर प्रदान करना भी है।”
जिंदल ने कहा कि नए अधिनियम के तहत ग्रामीण श्रमिकों को पहले के 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि कृषि मौसम के दौरान श्रम की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, अधिनियम में बुवाई और कटाई के दौरान 60 दिनों तक काम को अस्थायी रूप से निलंबित करने की अनुमति दी गई है ताकि कृषि गतिविधियों में कोई बाधा न आए।
प्रश्नों का उत्तर देते हुए सांसद ने कहा कि इस अधिनियम के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मजदूरी का समय पर भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है और भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर जारी किया जाएगा। हरियाणा के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए जिंदल ने कहा कि राज्य में 400 रुपये की उच्चतम दैनिक मजदूरी दी जाती है, जो श्रम-समर्थक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
उन्होंने आगे कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित निगरानी, वास्तविक समय ट्रैकिंग और डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इस योजना को केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से लागू करेंगी, जिसमें वित्तपोषण और कार्यान्वयन की साझा जिम्मेदारी होगी।


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