January 13, 2026
National

कांग्रेस मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझती है, नेतृत्व देने में हमेशा पीछे हटती रही: वारिस पठान

Congress considers Muslims only as vote bank, always lags behind in providing leadership: Waris Pathan

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन भारत में हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री भी बन सकती है। इस बयान पर उठ रहे सवालों के बीच एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा है।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुसलमानों को महज वोट बैंक समझती है और उन्हें नेतृत्व के अवसर देने में पार्टी हमेशा पीछे हटती रही है। वारिस पठान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के नेता अक्सर कहते रहते हैं कि फला व्यक्ति मेयर बन सकता है या फला व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन ओवैसी ने जो बात कही है, उसका मूल संदेश भारत के संविधान से जुड़ा है।

वारिस पठान ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में स्पष्ट रूप से लिखा है कि वहां सिर्फ एक खास धर्म का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री बन सकता है, जबकि भारत का संविधान, जिसे डॉ भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया, पूरी तरह से समानता पर आधारित है। भारतीय संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि किसी खास धर्म, जाति या वर्ग का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री, मेयर या किसी भी बड़े पद पर बैठ सकता है। भारत में किसी भी धर्म या किसी भी जाति का व्यक्ति, चाहे वह पुरुष हो या महिला, देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। इसी भावना के तहत एआईएमआईएम की यह उम्मीद और इच्छा है कि भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला भी प्रधानमंत्री या मेयर बन सकती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि इस बात से कांग्रेस पार्टी को आखिर तकलीफ क्या हो रही है। वारिस पठान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीयत और मंशा साफ तौर पर दिखाई देती है, क्योंकि पार्टी को मुसलमानों की राजनीतिक नेतृत्व क्षमता या उनके राजनीतिक सशक्तिकरण से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है। कांग्रेस को सिर्फ मुसलमानों के वोट चाहिए, लेकिन उन्हें नेतृत्व के अवसर देने में पार्टी हमेशा पीछे हटती रही है।

वारिस पठान ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य की 48 सीटों में से कांग्रेस ने एक भी मुसलमान उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया। जब मुसलमानों को उम्मीदवार ही नहीं बनाया जाएगा तो वे सांसद कैसे बनेंगे और आगे चलकर प्रधानमंत्री बनने की संभावना कैसे पैदा होगी? वारिस पठान ने कहा कि आज के दौर में मुसलमान एक पिछड़ा वर्ग बन चुका है, जिसकी पुष्टि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट भी करती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो पार्टियां सालों तक सत्ता में रहीं, उन्होंने सत्ता का सुख भोगा, लेकिन मुसलमानों को केवल वोट बैंक समझकर रखा। वारिस पठान ने कहा कि इन दलों ने मुसलमानों की शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, जिसकी वजह से आज यह समुदाय सामाजिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम इसी मानसिकता को बदलने और मुसलमानों को राजनीतिक नेतृत्व और सशक्तिकरण देने की लड़ाई लड़ रही है।

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