मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के साथ ‘माई भारत–एनएसएस’ गणतंत्र दिवस दल एवं विशेष अतिथियों ने संवाद किया। यह आयोजन 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं के उत्साह और देशभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप सरकार एक लाख ऐसे युवा नेताओं को तैयार कर रही है, जो राजनीति से नहीं बल्कि उद्देश्य और राष्ट्र सेवा की भावना से प्रेरित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे युवा नेतृत्व से ही भारत का भविष्य सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा।
युवाओं में ‘राष्ट्र-प्रथम’ की मानसिकता विकसित करने का आह्वान करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्र निर्माण की पहलों में युवाओं की आकांक्षाओं और सक्रिय भागीदारी को दिशा देने में ‘माई भारत’ मंच की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह मंच युवाओं को सामाजिक परिवर्तन और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
डॉ. मांडविया ने विभिन्न युवा सहभागिता पहलों की जानकारी देते हुए कारगिल में आयोजित पदयात्रा, जन औषधि इंटर्नशिप और विकसित भारत युवा नेता संवाद (वीबीवाईएलडी) जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिनमें अब तक करीब 50 लाख युवाओं की भागीदारी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ये पहलें युवाओं को नेतृत्व, सेवा और नवाचार के अवसर प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (वीबीवाईएलडी) 2026 के लिए देशभर से 3000 युवा नेताओं का चयन किया गया है। इन फाइनलिस्टों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सीधे अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए, जो नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी और उनकी सोच की गहराई को दर्शाता है।
इस अवसर पर युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने स्वागत भाषण दिया और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवा सशक्तीकरण के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान माई भारत–एनएसएस की दल कमांडर चारू ने कर्तव्य पथ पर मार्च करने के अपने अनुभव साझा किए और केंद्रीय मंत्री को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस परेड 2026 में भाग लेने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत एक जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुति ने आयोजन को और भी भव्य एवं यादगार बना दिया।


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