गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा राज्य की विभिन्न जेलों में बंद 397 पात्र दोषी कैदियों को सजा में छूट दी गई है।
आजीवन कारावास और दस वर्ष से अधिक की सजा पाए कैदियों को 45 दिनों की छूट दी गई है। इसी प्रकार, पांच वर्ष से अधिक और दस वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को 30 दिनों की छूट दी गई है। तीन वर्ष से अधिक और पांच वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को 21 दिनों की छूट दी गई है। एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को 15 दिनों की छूट दी गई है, जबकि छह महीने से अधिक और एक वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को सात दिनों की छूट दी गई है।
कारागार एवं सुधार सेवा विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि राज्य सरकार इस अवसर पर उन कैदियों को सजा में छूट देती आ रही है जिन्होंने कारावास के दौरान अच्छा आचरण बनाए रखा है। उन्होंने कहा, “सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य भर की विभिन्न जेलों में बंद 1,083 दोषी कैदियों में से लगभग 397 कैदियों को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सजा में छूट का लाभ मिलेगा।”
उन्होंने कहा, “भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 473, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 432 और हिमाचल प्रदेश जेल नियमावली, 2021 के अध्याय 18वीं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह छूट प्रदान की गई है।”
हालांकि, त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि यह छूट कुछ श्रेणियों के कैदियों पर लागू नहीं होगी, जिनमें बंदी, एनडीपीएस अधिनियम, पीओसीएसओ अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, आतंकवाद से संबंधित अपराध, फिरौती के लिए अपहरण, आदतन अपराधी, पैरोल तोड़कर फरार हुए कैदी और संबंधित अधिसूचना में निर्दिष्ट अन्य बहिष्कृत श्रेणियां शामिल हैं।


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