महाराष्ट्र में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण दिए जाने का लगातार विरोध हो रहा है। शिवसेना-यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के लोग दुखी हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा ज्योतिबा फूले का अपमान करने वाले को सरकार ने पद्मभूषण से सम्मानित किया है।
संजय राउत ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारी कोश्यारी जी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। वह भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे हैं। संघ के प्रचारक को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। यह उनकी सरकार है और उनकी विचारधारा के लोग हैं।”
शिवसेना-यूबीटी नेता ने आगे कहा, “जब कोश्यारी महाराष्ट्र में राज्यपाल थे, तब उन्होंने खुलेआम छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा फूले का अपमान किया। उन्हें पद्मभूषण मिलने पर महाराष्ट्र के लोग दुखी हैं। यह हमें मंजूर नहीं है।”
शिवसेना-यूबीटी के अलावा एनसीपी-एसपी ने भी भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण दिए जाने का विरोध किया है। सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा, “कुछ साल पहले भगत सिंह कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के खिलाफ गलत शब्द बोले थे। उसी व्यक्ति को पद्मभूषण देकर सम्मानित किया जा रहा है, ये शर्मनाक है। भाजपा में कुछ गलत करने वालों को इनाम दिया जाता है। पार्टी के नेताओं को इसका जवाब देना होगा।”
इससे पहले, सोमवार को भी संजय राउत ने कोश्यारी को पद्मभूषण दिए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा, “ये कोई व्यक्तिगत बात नहीं है। वे महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। उनके कार्यकाल में जिस तरह हमारी पार्टी को उनकी प्रेरणा से तोड़ा गया, राजभवन को राजनीतिक अड्डा बनाया गया और संविधान व लोकतंत्र की हत्या करके चुनी हुई सरकार को बर्खास्त कर दिया गया, ये सब मैं नहीं, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय का ऑब्जर्वेशन है। ऐसे व्यक्ति को पद्मभूषण अवार्ड मिलना महाराष्ट्र को मंजूर नहीं।”


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