मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मीरा-भायंदर इलाके में बने फ्लाईओवर के अचानक संकरे होने की शिकायतों पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि चार लेन से दो लेन में बदलाव कोई डिजाइन की गलती नहीं है। यह सड़क की उपलब्ध चौड़ाई और भविष्य की यातायात योजना को ध्यान में रखकर किया गया है।
एमएमआरडीए के अनुसार, फ्लाईओवर को भायंदर ईस्ट के लिए दो लेन और भविष्य में भायंदर वेस्ट के लिए दो कनेक्टिंग लेन के साथ तैयार किया गया है। चूंकि फ्लाईओवर की दिशा में पहले भायंदर ईस्ट वाला हिस्सा आता है, इसलिए फिलहाल चार लेन से यातायात दो लेन में आ जाता है। बाकी दो लेन को वेस्टर्न रेलवे लाइन के पार भायंदर वेस्ट की ओर भविष्य में जोड़ा जाएगा।
गोल्डन नेस्ट सर्कल जैसे व्यस्त जंक्शन पर ट्रैफिक को अच्छे से मैनेज करने के लिए मेट्रो के साथ जुड़ा 2+2 लेन का फ्लाईओवर बनाया गया है। यहां दोनों तरफ स्लिप रोड भी दिए गए हैं, ताकि वाहनों का दबाव सही तरीके से कम किया जा सके। जंक्शन से आगे भायंदर ईस्ट की ओर राइट ऑफ वे कम होने के कारण रेलवे फाटक रोड की तरफ 1+1 लेन का अलग फ्लाईओवर बनाया गया है, जिसमें मीडियन के साथ अप और डाउन रैंप हैं। इससे बिना रुकावट आवाजाही संभव हो पाती है।
यह डिज़ाइन मीरा-भायंदर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक को आसानी से पार करने में मदद करता है। साथ ही उपलब्ध जमीन की सीमाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। भविष्य में फ्लाईओवर को चौड़ा करने का पूरा प्रावधान है। दोनों कैरिजवे के बाहरी तरफ अतिरिक्त 1+1 लेन जोड़े जाएंगे, ताकि पूर्व-पश्चिम ट्रैफिक सुचारू रहे। यह प्रस्ताव अभी प्लानिंग स्टेज में है और मंजूरी मिलने के बाद मीरा-भायंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम होगा।
फिलहाल यह फ्लाईओवर मीरा–भायंदर इलाके में यातायात को फैलाने और जाम कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है। सुरक्षा के लिए जरूरी सभी इंतजाम किए गए हैं, जैसे रंबल स्ट्रिप्स, डेलीनेटर, साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टिव चिन्ह और एंटी-क्रैश बैरियर। फ्लाईओवर को जनता के लिए खोलने से पहले ट्रैफिक पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर सलाह ली जा रही है। एमएमआरडीए ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यह जानकारी साझा कर लोगों की शंकाओं को दूर करने की कोशिश की है।


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