अपनी बहुप्रतीक्षित क्राइम ड्रामा ‘मर्दानी 3’ की रिलीज से पहले, एक्ट्रेस रानी मुखर्जी ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा आयोजित एक खास कार्यक्रम ‘वॉइसेस ऑफ ग्रेस एंड ग्रिट’ में हिस्सा लिया।
रानी ने कहा कि अपने पूरे करियर में उन्होंने ज्यादातर ऐसे किरदार निभाए हैं, जो महिलाओं और महिला-केंद्रित कहानियों पर आधारित थे।
उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं सफलतापूर्वक संस्थानों का नेतृत्व कर रही हैं और समाज को आकार दे रही हैं। आज भारत की राष्ट्रपति भी एक महिला हैं। महिलाएं अपने प्रोफेशनल सपनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों दोनों को संतुलन और दृढ़ संकल्प के साथ संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं।
चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा कि आज के प्रगतिशील समाज में ‘मां के अपराध बोध’ की कोई जगह नहीं है। महिलाओं को अपनी कई भूमिकाओं और नेतृत्व क्षमताओं पर गर्व करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान रानी ने ‘वॉल ऑफ फेम’ का भी उद्घाटन किया। यह कमीशन में एक खास जगह है, जो राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के योगदान और नेतृत्व का सम्मान करती है।
रानी को हाल ही में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया था।
इस पर अभिनेत्री ने कहा, “आज मेरा दिल एक ऐसी भावना से भरा है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। सिनेमा में अपने 30वें साल में राज्यपाल का उत्कृष्टता पुरस्कार, वंदे मातरम पुरस्कार जीतना अविश्वसनीय रूप से विनम्र महसूस कराता है। यह सम्मान सिर्फ मेरे काम की पहचान नहीं है। यह घर वापसी जैसा लगता है। मुझे बस उम्मीद है कि मैंने आपको गर्व महसूस कराया है और आगे भी ऐसा करती रहूंगी।”
रानी ‘मर्दानी 3’ के साथ इंडस्ट्री में अपने तीन दशक पूरे कर रही हैं। अभिराज मिनावाला के निर्देशन में बनी और आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्मित फिल्म 30 जनवरी को रिलीज होने की उम्मीद है।


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