केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोना चोरी मामले में मशहूर अभिनेता जयराम से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पूछताछ की है। जांच एजेंसी ने अभिनेता से उनके चेन्नई स्थित आवास पर पूछताछ की। टीम ने संकेत दिए कि जयराम को इस मामले में मुख्य गवाह के रूप में अदालत में पेश किया जाएगा।
जांच अधिकारियों का कहना है कि जयराम का बयान केस की कड़ी को जोड़ने में मदद करता है और इससे मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
पूछताछ के दौरान जयराम ने स्वीकार किया कि सबरीमाला मंदिर के सन्निधानम, यानी गर्भगृह क्षेत्र के लिए तैयार की गई सोने की प्लेट्स को उनके चेन्नई स्थित घर लाया गया था। यह जानकारी जांच एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। एसआईटी का कहना है कि इससे पहले पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि सोने की प्लेट्स को केरल से बाहर ले जाया गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मंदिर की संपत्ति को बिना आधिकारिक अनुमति के मंदिर परिसर से बाहर ले जाना एक गंभीर मामला है। जयराम का बयान इस बात को बल देता है कि सोने को राज्य से बाहर ले जाया गया और सार्वजनिक तौर पर धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर अभियोजन पक्ष अपनी दलीलों को और मजबूत कर सकता है।
हालांकि, एसआईटी ने साफ किया है कि फिलहाल अभिनेता जयराम के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई करने की कोई योजना नहीं है। जांच में यह बात सामने आई है कि जयराम का इस मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी या अन्य आरोपियों के साथ कोई भी वित्तीय लेन-देन नहीं था। जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि जयराम का रोल किसी भी तरह के आर्थिक लाभ या धोखाधड़ी से जुड़ा नहीं पाया गया है।
एसआईटी के मुताबिक, जयराम और उन्नीकृष्णन पोट्टी के बीच संबंध पूरी तरह धार्मिक और आस्था से जुड़े हुए थे। जयराम ने जांचकर्ताओं को बताया कि वे पोट्टी को कई दशकों से जानते हैं और यह जान-पहचान सबरीमाला मंदिर से उनकी आस्था के कारण हुई। वे पिछले लगभग 50 वर्षों से नियमित रूप से सबरीमाला के दर्शन करते आ रहे हैं।
जयराम ने अपने बयान में कहा कि उन्नीकृष्णन पोट्टी ने उन्हें यह विश्वास दिलाया था कि सबरीमाला मंदिर के लिए बनाई गई नई सोने की प्लेट्स पर पूजा कराने से आध्यात्मिक पुण्य और समृद्धि प्राप्त होगी। इसी धार्मिक विश्वास के चलते उन्होंने अपने घर पर इन प्लेट्स की पूजा कराने की सहमति दी थी। अभिनेता ने पुष्टि की कि उन्होंने चेन्नई स्थित स्मार्ट क्रिएशंस में इन सोने की प्लेट्स पर हुई पूजा में हिस्सा लिया था। इसके अलावा, वे केरल के कोट्टायम स्थित एक मंदिर में निकाली गई एक धार्मिक शोभायात्रा में भी शामिल हुए थे।
जयराम ने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले से जुड़े किसी भी वित्तीय घोटाले या सोने की प्लेट्स के दुरुपयोग की कोई जानकारी नहीं थी।


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