February 4, 2026
Entertainment

सनातन को बदनाम करने वालों पर भड़कीं इशिका तनेजा, बोलीं- भाव सही होगा तो धर्म खुद अपनाएगा

Ishika Taneja lashed out at those defaming Sanatan, saying, “If the sentiment is right, the religion will adopt it itself.”

फिल्मी दुनिया से दूरी बनाकर अध्यात्म और सनातन धर्म के मार्ग पर चलने वाली अभिनेत्री इशिका तनेजा एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने आईएएनएस से साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले पर खुलकर अपनी राय रखी। साथ ही उन्होंने ममता कुलकर्णी के ‘धर्म के ठेकेदार’ वाले बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। इशिका के ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर देशभर में सवाल और चर्चाएं तेज हैं।

इशिका तनेजा ने सबसे पहले धर्म को व्यवसाय बनाने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, ”धर्म को धंधा बनाना पूरी तरह गलत है। आजकल कुछ लोग खुद ही साध्वी या संत बनने का ऐलान कर देते हैं और फिर अपनी कथित तपस्या का ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन जब ऐसे लोग पकड़े जाते हैं तो वे सनातन धर्म को ही गलत ठहराने लगते हैं। अगर सनातन धर्म वास्तव में गलत होता तो मुझे इतने संतों और महात्माओं का समर्थन कभी नहीं मिलता।”

इशिका ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, ”सनातन धर्म की सबसे बड़ी खूबी उसका समावेशी और सुंदर स्वरूप है। जब कोई व्यक्ति सच्चे सेवा भाव और पूरी श्रद्धा के साथ सनातन से जुड़ता है तो समाज और संत दोनों उसे अपनाते हैं।”

उन्होंने स्वामी गोविंद देवगिरि महाराज, देवकी नंदन ठाकुर, जैन गुरु लोकेश मुनि और सुधांशु जी महाराज जैसे आध्यात्मिक गुरुओं का उदाहरण देते हुए कहा, ”इन सभी ने मुझे इसलिए आशीर्वाद दिया, क्योंकि उन्होंने मेरे समर्पण और सच्चे भाव को देखा है। सनातन धर्म प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मिक यात्रा है, जिसे समझने के लिए भाव का शुद्ध होना बेहद जरूरी है।”

ममता कुलकर्णी के ‘धर्म के ठेकेदार’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इशिका ने कहा, ”सनातन का अर्थ सेवा है, न कि मुनाफा कमाना। जब कोई यह कहता है कि अब पैसे नहीं कमा पा रहे हैं, इसलिए सनातन धर्म गलत है और उसे छोड़ रहे हैं तो यह पूरी तरह गलत सोच को दर्शाता है। जब तक किसी का भाव सही नहीं होगा, तब तक न समाज उसे अपनाएगा और न ही सनातन उसे स्वीकार करेगा। सनातन धर्म किसी दबाव या स्वार्थ से नहीं, बल्कि समर्पण और सेवा से जुड़ता है।”

उन्होंने अपने आध्यात्मिक सफर को लेकर खुद को रामायण की गिलहरी की तरह बताया। उन्होंने कहा, ”जैसे रामसेतु निर्माण में गिलहरी ने छोटे-छोटे कण डालकर अपना योगदान दिया था, वैसे ही मैं भी सनातन धर्म में छोटी-छोटी सेवाएं कर रही हूं। जब लोग आपके सेवा भाव को देखते हैं तो वे खुद आपको अपनाते हैं और बेटी की तरह आशीर्वाद देते हैं।”

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले पर इशिका तनेजा ने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, ”मुझे भरोसा है कि पुलिस पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रही है और वही सच्चाई को सामने लाएगी, लेकिन इंटरव्यू के जरिए जो जानकारियां सामने आ रही हैं, जैसे चीखों की आवाज आना, नाखूनों का नीला पड़ जाना और अन्य संदिग्ध हालात, ये सब इस मामले को हत्या की ओर इशारा करते हैं।”

उन्होंने कहा, ”साध्वी प्रेम बाईसा सनातन धर्म में एक बेहद सुंदर और मुखर आवाज बनकर उभर रही थीं, और ऐसे में किसी न किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।”

इशिका ने कहा, ”इस मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए और समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। अगर आज हम एकता नहीं दिखाएंगे तो ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहेंगी। साध्वी प्रेम बाईसा के साथ जो भी गलत हुआ है, उसके खिलाफ सबको एक साथ खड़ा होना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत से प्रयास करना चाहिए।”

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