हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल बुधवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एलएडी) और राज्य सरकार द्वारा विधायकों को दिए जाने वाले विवेकाधीन अनुदान को बहाल करने की मांग की जाएगी।
राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करने को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच भाजपा विधायक दल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विपक्ष का कहना है कि इससे हिमाचल प्रदेश और भी गहरे वित्तीय संकट में डूब सकता है। भाजपा के इस कदम को कांग्रेस के उस आरोप के जवाब के रूप में देखा जा रहा है कि केंद्र ने राज्य के सीमित राजस्व आधार के बावजूद अनुचित तरीके से आरडीजी को बंद कर दिया है।
नैना देवी विधानसभा की विधायक और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि अक्टूबर 2025 से विधायक क्षेत्र विकास निधि के निलंबन और गरीबों एवं जरूरतमंदों, विशेषकर चिकित्सा उपचार के लिए दी जाने वाली विवेकाधीन अनुदानों के बंद होने से पार्टी विधायक नाराज हैं। उन्होंने विपक्षी विधायकों द्वारा नाबार्ड से वित्त पोषण हेतु प्रस्तावित प्राथमिकता योजनाओं की विवरण रिपोर्ट तैयार करने में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया।
शर्मा ने आगे कहा कि भाजपा के सभी विधायक 6 और 7 फरवरी को मुख्यमंत्री की योजना बैठकों में भाग लेंगे और अपने विचार मजबूती से रखेंगे। हालांकि, भाजपा ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह 17 फरवरी को आरडीजी मुद्दे पर चर्चा के लिए होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में भाग लेगी या नहीं।


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