मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि अधिकारियों को सूरजकुंड मेले में हुई त्रासदी के कारणों का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा न हों। मुख्यमंत्री ने इस घटना को “बेहद दुखद” बताते हुए कहा कि झूलों का रोजाना निरीक्षण किया जाता है और रिपोर्ट तैयार की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “घटना के पीछे का कारण पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।”
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने परिवार के एक योग्य सदस्य को आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नौकरी की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की सहायता दी जाएगी, जबकि अन्य को नियमों के अनुसार सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।
घायलों में से सुप्रीम अस्पताल में भर्ती चार लोगों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि चार अन्य का इलाज जारी है। बीके सिविल अस्पताल में भर्ती चार घायलों को भी छुट्टी दे दी गई है।


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