नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग ने नगर एवं ग्राम नियोजन से संबंधित सार्वजनिक शिकायतों के पारदर्शी और समयबद्ध निवारण को सुनिश्चित करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। विभाग के एक प्रवक्ता ने आज कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली का उद्देश्य टीसीपी से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए एक पारदर्शी और प्रभावी तंत्र बनाना और स्थानीय स्तर पर उनका समय पर निपटान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली के तहत मंडल, उपमंडल और कार्यालय स्तर पर शिकायत निवारण प्राधिकरणों का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा, “यदि शिकायतकर्ता निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो राज्य नगर योजनाकार के समक्ष अपील दायर की जा सकती है। इसी प्रकार, उपमंडल नगर योजना कार्यालय में सहायक नगर योजनाकार को शिकायतें प्रस्तुत की जा सकती हैं और असंतुष्टि की स्थिति में नगर एवं ग्रामीण योजनाकार के समक्ष अपील की जा सकती है।”
टाउन प्लानिंग कार्यालय स्तर पर, शिकायतें योजना अधिकारी के पास दर्ज की जा सकती हैं और यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो शिकायत को टाउन एंड कंट्री प्लानर को भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिकायतों की सुनवाई 15 कार्य दिवसों के भीतर होनी चाहिए और उनका समाधान 30 कार्य दिवसों के भीतर किया जाना चाहिए।
यदि इस अवधि के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो उसे पांच कार्य दिवसों के भीतर आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा। अपीलें पांच कार्य दिवसों के भीतर पंजीकृत की जाएंगी और सुनवाई एवं समीक्षा प्रक्रिया 30 कार्य दिवसों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। अपीलों पर अंतिम निर्णय पंजीकरण की तिथि से 60 कार्य दिवसों के भीतर जारी किया जाएगा।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता अपनी शिकायतें नगर एवं ग्रामीण योजना विभाग की वेबसाइट पर बने एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से या जिला नगर योजना कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में जमा कर सकते हैं।


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