12 फरवरी । संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को पत्रकारों पर भड़क गए। उन्होंने पत्रकारों से अपने काम में ‘उद्देश्यपूर्ण बने रहने’ और अपने पेशे की पवित्रता बनाए रखने को कहा।
राहुल गांधी के भाषण को लेकर सत्तापक्ष की तरफ से लोकसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की चर्चाएं थीं। हालांकि, बाद में सत्तापक्ष ने इस प्रस्ताव को लाने से साफ इनकार कर दिया। जब राहुल गांधी से विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर सवाल पूछा गया, तो वे मीडिया के कुछ लोगों पर भड़क गए।
संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “आप पूरी तरह से भाजपा के लिए काम नहीं करते। कम से कम थोड़ी ‘उद्देश्यपूर्ण’ रिपोर्टिंग करने की कोशिश करें। आप जिम्मेदार लोग हैं। आप मीडिया वाले हैं। आपकी जिम्मेदारी है कि आप ‘उद्देश्यपूर्ण’ रहें। आप हर दिन उनके (भाजपा) दिए गए एक शब्द पर अपना पूरा शो नहीं चला सकते।”
बुधवार को, लोकसभा में उस समय विरोध हुआ जब राहुल गांधी ने सरकार की तीखी आलोचना की, जिसमें उन्होंने विदेशी ताकतों के सामने सरेंडर करने और ‘भारत माता’ को बेचने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के इस तीखे हमले का सत्तापक्ष ने विरोध किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भाषा को असंसदीय बताते हुए आपत्ति जताई। भाजपा नेताओं ने मांग की कि उनके भाषण को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए।
बाद में भाजपा सांसदों ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ ‘बेबुनियाद और गलत इरादे वाले’ दावों से सदन को गुमराह करने के लिए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा।
हालांकि, कांग्रेस पार्टी इस बात पर अड़ी रही कि संसदीय नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। कांग्रेस ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में भारत की एनर्जी और किसानों के हितों को लेकर ‘सरेंडर करने’ के लिए सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है।


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