साढ़े चार महीने पहले अमेरिका ले जाते समय मैक्सिको में शव को गधों के मार्ग से ले जाते हुए मारे गए युवक हरदीप सिंह का शव आज उनके गांव समगोली पहुंचा। गांव में ही उनके परिवार के सदस्यों ने उनका अंतिम संस्कार किया।
पूर्व विधायक एनके शर्मा और अन्य लोगों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया और श्रद्धांजलि अर्पित की। डेरा बस्सी पुलिस ने दो ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिनमें से एक को कल गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मृतक के भाई मलकीत सिंह के अनुसार, उनके भाई हरदीप जुलाई 2024 में समगोली गांव से अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। एजेंटों ने 33 लाख रुपये की रिश्वत लेने के बाद उन्हें गधे के रास्ते अमेरिका पहुंचाने का वादा किया था। मेक्सिको पहुंचने पर एजेंटों ने उन्हें एक कमरे में भूखा-प्यासा रखा। चूंकि एजेंटों ने हरदीप को पैसे नहीं दिए, इसलिए उनके परिवार ने उनके लिए 4 लाख रुपये भेजे। हरदीप एक साल तक मेक्सिको में फंसे रहे, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार का आरोप है कि हरदीप को फर्जी नेपाली दस्तावेजों पर मैक्सिको भेजा गया था। जब वहां उसकी मृत्यु हुई, तो शव को भारत वापस लाने में समस्या उत्पन्न हुई। मृतक भारत का निवासी था, जबकि उसके दस्तावेजों में उसे नेपाली नागरिक दिखाया गया था।


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