February 16, 2026
National

बीआरओ ने जम्मू-कश्मीर में भादरवाह-बानी-बसोहली सड़क को फिर से खोला

BRO reopens Bhaderwah-Bani-Basohli road in Jammu and Kashmir

15 फरवरी । रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि भारी बर्फबारी के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जम्मू-कश्मीर में भद्रवाह-बनी-बसोहली सड़क को फिर से खोल दिया है।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनीत बर्तवाल ने बताया, “कठिन मौसम के बीच तेज और समन्वित अभियान चलाते हुए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रोजेक्ट संपर्क के तहत 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (बीआरटीएफ) की 69 आरसीसी और 118 आरसीसी ने भारी बर्फबारी के बाद चटरगला दर्रे पर स्थित रणनीतिक भद्रवाह–बनी–बसोहली सड़क को सफलतापूर्वक फिर से खोल दिया है।

हाल ही में हुई भारी बर्फबारी से 65 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के बीच का महत्वपूर्ण संपर्क अस्थायी रूप से टूट गया था। हर मौसम में संपर्क बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए बीआरओ की टीमों ने अशापति ग्लेशियर के पास और माउंट कैलाश की तलहटी में कठिन इलाकों में व्यापक बर्फ हटाने का अभियान चलाया।

गहरी बर्फ, जीरो से नीचे तापमान और कठिन कार्य परिस्थितियों के बावजूद टीमों ने 24 घंटे कर्मियों और मशीनों को लगाकर सामान्य समय से पहले ही यातायात बहाल कर दिया।

समय पर सड़क खुलने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, आपात सेवाओं, स्थानीय लोगों और निजी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई है, जिससे क्षेत्र के निवासियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। इस महत्वपूर्ण सड़क का दोबारा खुलना दूरदराज और ऊंचाई वाले इलाकों में रणनीतिक और सामाजिक-आर्थिक संपर्क बनाए रखने के प्रति बीआरओ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह अभियान हिमालयी क्षेत्र में मौसम से उत्पन्न बाधाओं से निपटने की संगठन की क्षमता को भी दिखाता है। अब सड़क खुलने के साथ इस मार्ग पर सामान्य यातायात बहाल हो गया है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क और रणनीतिक ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने 1960 में सीमा सड़क संगठन की स्थापना की थी।

शुरुआत में दो परियोजनाओं, टस्कर और बीकन, से शुरू हुआ बीआरओ अब 11 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 18 परियोजनाएं चला रहा है। भूटान में भी इसकी उपस्थिति है।

बीआरओ विभागीय स्तर पर सड़क अवसंरचना परियोजनाएं पूरी करने की क्षमता रखता है, जिससे उसे अन्य निर्माण एजेंसियों पर विशेष बढ़त मिलती है।

यह संगठन नागरिक और सैन्य कर्मियों का अनूठा मिश्रण है, जो तकनीकी विशेषज्ञता और अनुशासन के साथ कठिन परिस्थितियों में काम करता है।

संगठन का नेतृत्व महानिदेशक सीमा सड़क (डीजीबीआर) करते हैं, और उनके साथ तीन अतिरिक्त महानिदेशक कार्यरत हैं, जिनमें से एक मुख्यालय में है और दो उत्तर-पश्चिमी तथा पूर्वी क्षेत्रों की परियोजनाओं की देखरेख करते हैं।

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