कृषि विभाग ने किसानों को बिना लाइसेंस और अनधिकृत बीज विक्रेताओं से सावधान रहने और गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्राप्त करने और अपनी फसल की पैदावार की रक्षा करने के लिए हमेशा लाइसेंस प्राप्त डीलरों से ही बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने की सलाह दी है।
कांगड़ा जिले के उप निदेशक (कृषि) कुलदीप धीमान ने मंगलवार को मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि फसल के बीज बेचने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के लिए विभाग से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने आगे कहा कि लाइसेंस जारी करने से पहले, विभाग यह सत्यापित करता है कि विक्रेता केवल अनुमोदित और मान्यता प्राप्त स्रोतों से ही बीज खरीदेगा। इसके अलावा, विक्रेता के पास बीजों के सुरक्षित भंडारण और बिक्री के लिए उचित सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाग खुले क्षेत्रों या सड़क किनारे बीजों की बिक्री की अनुमति नहीं देता है।
धीमान ने बताया कि कृषि विभाग को हाल ही में कई क्षेत्रों से शिकायतें मिली हैं कि कुछ अनाधिकृत विक्रेता बिना वैध लाइसेंस के सड़क किनारे घटिया और अप्रमाणित बीज बेच रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “ये विक्रेता अक्सर किसानों को बीजों की कम कीमत का लालच देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अंकुरण खराब होता है या पैदावार में भारी कमी आती है। नतीजतन, किसानों की चार से पांच महीने की मेहनत और वित्तीय निवेश व्यर्थ हो जाता है।”
उन्होंने चेतावनी जारी की कि वैध लाइसेंस के बिना बीज बेचने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बीज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीज निरीक्षक के माध्यम से सभी अवैध बीज भंडार जब्त कर लिए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी, जिसमें कारावास भी शामिल हो सकता है।
उप निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे बीज खरीदते समय हमेशा विक्रेता का लाइसेंस सत्यापित करें और उचित बिल प्राप्त करें। इसी प्रकार, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कृषि उत्पादकता को सुरक्षित रखने के लिए उर्वरक और कीटनाशक भी केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें।


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