February 19, 2026
Entertainment

निर्मल पांडे: इंडस्ट्री के इकलौते अभिनेता, जिन्हें मिला ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ का अवॉर्ड, विश्व में बनाई अपनी अलग पहचान

Nirmal Pandey: The only actor in the industry to receive the ‘Best Actress’ award, has carved a niche for herself globally.

19 फरवरी । हिंदी सिनेमा और थिएटर की दुनिया के चमकते सितारे निर्मल पांडे ने अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। उनकी भूमिका चाहे बड़े पर्दे पर हो या छोटे पर्दे पर, वे हर बार अपने किरदार में पूरी तरह उतर जाते थे। उनकी पुण्यतिथि के मौके पर आज हम उनके एक ऐसे पल के बारे में बात करेंगे, जिसने उन्हें विश्व सिनेमा में अनोखा दर्जा दिलाया।

साल 1997 में फ्रांस के वैलेंसिएन्स फिल्म फेस्टिवल में निर्मल पांडे को फिल्म ‘दायरा’ में अपने किन्नर किरदार के लिए ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ का अवॉर्ड मिला था। वे इंडस्ट्री के इकलौते ऐसे पुरुष कलाकार थे, जिन्हें ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ का अवॉर्ड दिया गया था।

निर्मल पांडे का जन्म 10 अगस्त 1962 को उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हुआ था। उनका असली नाम राजकुमार पांडे था। बचपन से ही उनकी रुचि अभिनय में थी। स्कूल और मोहल्ले में होने वाली रामलीला और नाटकों में वह हमेशा भाग लिया करते थे। अल्मोड़ा और नैनीताल में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अभिनय के सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली का रुख किया।

दिल्ली आने के बाद निर्मल पांडे ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से अभिनय की पढ़ाई शुरू की। एनएसडी में उन्होंने थिएटर और अभिनय की बारीकियों को सीखा। इस दौरान उन्होंने नाटकों का निर्देशन भी करना शुरू किया और मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाते रहे।

एनएसडी की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह लंदन चले गए। वहां उन्होंने एक थिएटर ग्रुप के साथ जुड़कर लगभग 125 नाटकों में अभिनय किया। उन्होंने ‘हीर-रांझा’, ‘एंटीगोन’, और कई अन्य क्लासिक नाटकों में अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान उनका अभिनय विदेशी दर्शकों को भी बेहद पसंद आया।

फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें पहली बड़ी पहचान शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ से मिली। इसमें उन्होंने विक्रम मल्लाह का किरदार निभाया, जो फिल्म में फूलन देवी के पति के रूप में दर्शकों के दिलों में बस गया। इसके बाद उनके पास कई फिल्मों के प्रस्ताव आए, जिनमें ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’, ‘इस रात की सुबह नहीं’, ‘हम तुम पे मरते हैं’, ‘लैला’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, और ‘शिकारी’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

निर्मल पांडे की खासियत यह थी कि वे किसी भी किरदार में पूरी तरह ढल जाते थे। यही वजह थी कि उन्हें अमोल पालेकर की फिल्म ‘दायरा’ में किन्नर के रोल के लिए 1997 में फ्रांस के वैलेंसिएन्स फिल्म फेस्टिवल में ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ का अवॉर्ड मिला। फिल्म में उनके साथ सोनाली कुलकर्णी भी मुख्य किरदार में थीं। इसकी कहानी बेहद खास थी, जिसमें लड़की को लड़का बनना था और लड़के को लड़की। जब फिल्म के लिए अवॉर्ड मिला, तो दोनों को किरदार के अनुसार सम्मानित किया गया, यानी निर्मल पांडे को बेस्ट एक्ट्रेस और सोनाली कुलकर्णी को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला।

निर्मल ने फिल्मों के साथ-साथ टीवी पर भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने ‘हातिम’ और ‘प्रिंसेस डॉली और उसका मैजिक बैग’ जैसे शो में विलेन का किरदार निभाया। इसके अलावा, वे संगीत में भी रुचि रखते थे और 2002 में अपनी म्यूजिक एल्बम ‘जज्बा’ लॉन्च की।

निर्मल पांडे का जीवन संघर्षों से भरा था। हार्ट अटैक के चलते 18 फरवरी 2010 को 47 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

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