उत्तर प्रदेश में मस्जिदों पर अजान के लिए लाउडस्पीकर की अनुमति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि रमजान के पवित्र महीने में इस तरह का फैसला सही नहीं है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक शिवपाल यादव ने कहा, “प्रदेश की भाजपा सरकार समाज के कुछ वर्गों के खिलाफ है। यह जानबूझकर मुसलमानों के खिलाफ काम कर रही है और इसीलिए ऐसे फैसले ले रही है। सभी धर्मों के लोगों को आजादी मिली है, लेकिन सरकार जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश करती है।”
शंकराचार्य विवाद पर शिवपाल यादव ने कहा, “शंकराचार्य किया जा रहा है और सरकार की तरफ से इसे बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें शामिल व्यक्ति खुद सरकार का हिस्सा है। मैंने यह कल कहा था और मैं आज फिर कह रहा हूं, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रशासन ने शंकराचार्य के साथ जिस तरह का व्यवहार किया, सरकार को इस पर बोलना चाहिए था।”
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने कहा, “हम शांति, सद्भाव और भाईचारे वाले लोग हैं। हम सभी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। यह देश सम्मान के रास्ते पर तभी आगे बढ़ेगा जब हम एकता के साथ रहेंगे। जैसे वे नवरात्रि में सहयोग करते हैं, वैसे ही हमें उनके रोजे और रमजान में सहयोग करना चाहिए और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।”
सपा विधायक आरके वर्मा ने कहा, “हम एक धर्मनिरपेक्ष देश में रहते हैं और देश भारत के संविधान से चलता है। हमारे देश में कई धर्म के मानने वाले हैं। मेरा मानना है कि अगर हम दुर्गा पूजा के लिए लाउडस्पीकर की इजाजत देते हैं, तो हमें रमजान के लिए भी इजाजत देने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।”
शंकराचार्य विवाद पर समाजवादी पार्टी के विधायक आरके वर्मा ने कहा, “एक बात बताओ – बटुक ब्राह्मणों का अपमान किसने किया? वो पाप किसने किया? क्या वो दोनों डिप्टी सीएम ने किया? वो पाप भारतीय जनता पार्टी सरकार के मुखिया ने किया।”


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