February 24, 2026
Entertainment

‘यादव जी की लव स्टोरी’ विवाद में नाम घसीटने पर भड़के मृदुल तिवारी, कहा- ‘ऐसे लोगों को समझाना बेकार’

Mridul Tiwari was furious at being dragged into the “Yadav Ji Ki Love Story” controversy, saying, “It’s useless to try to reason with such people.”

24 फरवरी । उत्तर प्रदेश में फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर चल रहा विवाद लगातार नए मोड़ ले रहा है। सड़क पर विरोध, एफआईआर, राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर आलोचनाओं के बीच यूट्यूबर और ‘बिग बॉस 19’ के कंटेस्टेंट रहे मृदुल तिवारी ने एक बार फिर अपनी बात रखी है। उन्होंने विवाद में अपना नाम घसीटे जाने को लेकर सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट किया कि इस फिल्म से उनका किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है।

दरअसल, फिल्म में मुख्य अभिनेत्री प्रगति तिवारी हैं, जो मृदुल तिवारी की बहन हैं। इसी वजह से फिल्म का विरोध करने वाले सोशल मीडिया पर प्रगति के साथ-साथ मृदुल को भी निशाना बना रहे हैं। मृदुल का आरोप है कि कई यूजर्स उन्हें गालियां और धमकियां तक दे रहे हैं। अब इस पूरे मामले पर मृदुल तिवारी ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट शेयर कर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

मृदुल तिवारी ने अपने पोस्ट में साफ शब्दों में लिखा कि उनका फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ से रत्ती भर भी लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ”न तो मैंने यह फिल्म बनाई है और न ही मैं इसके नाम को बदल सकता हूं। मैं यह बात कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुका हूं और पढ़े-लिखे, समझदार लोग इस सच्चाई को समझ भी चुके हैं। लेकिन, जो लोग बिना जानकारी के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें समझाना बेकार है।”

अपने बयान में मृदुल ने आगे कहा, ”किसी भी समाज की भावनाओं को आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं है। मैं सभी की भावनाओं का सम्मान करता हूं और अगर लोगों को फिल्म के नाम पर आपत्ति है, तो मैं आप सभी के साथ हूं। आप नाम बदलवाओ।” मृदुल ने अपने पोस्ट में लोगों से गलत जानकारी न फैलाने की अपील की।

बीते कुछ दिनों से यूपी के संभल, गुन्नौर और आसपास के इलाकों में यादव समाज के लोगों द्वारा इस फिल्म का लगातार विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म का टाइटल और कहानी एक विशेष समाज को गलत तरीके से पेश करती है, जिससे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचता है।

इस विरोध के चलते फिल्म के निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना और कलाकारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने सिनेमा हॉल संचालकों को चेतावनी दी है कि अगर उनके इलाकों में फिल्म दिखाई गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुछ जगहों पर फिल्म के पोस्टर तक जलाए गए।

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