मंगलवार को उपायुक्त किरण भडाना ने लाहौल-स्पीति जिले के केलांग आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां देकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिले के 123 आंगनवाड़ी केंद्रों और 220 विद्यालयों में कुल 4,380 बच्चों को गोलियां दी गईं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से अभियान के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य बच्चों को आंतों के कृमि संक्रमण से बचाना है, जो उनके स्वास्थ्य, पोषण स्तर और शारीरिक एवं संज्ञानात्मक विकास को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के विकास और सीखने की क्षमता में बाधा डाल सकता है, इसलिए समय पर कृमिनाशक दवा देना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा, “एल्बेंडाजोल कृमि संक्रमण को रोकने में अत्यधिक प्रभावी माना जाता है और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।”
उपायुक्त ने बताया कि एक से पांच वर्ष आयु वर्ग के 866 बच्चों को विटामिन ए सप्लीमेंट के साथ कृमिनाशक दवा दी गई। वहीं, छह से 18 वर्ष आयु वर्ग के 3,514 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां दी गईं।
लाहौल उपमंडल में इस अभियान के तहत 1,860 बच्चों को दवा की गोलियां दी गईं, जबकि काजा उपमंडल में 2,520 बच्चों को गोलियां दी गईं। किरण ने अभिभावकों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि जिन बच्चों को मुख्य दिन दवा की खुराक नहीं मिली, वे 28 फरवरी को निर्धारित अंतिम चरण के कार्यक्रम में जरूर भाग लें, ताकि कोई भी पात्र बच्चा कृमिनाशक कार्यक्रम से वंचित न रह जाए।


Leave feedback about this