अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में शुरू हुई। 2 मार्च को शुरू हुई यह चैंपियनशिप 7 मार्च को समाप्त होगी।
चैम्पियनशिप का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रोफेसर सोम नाथ सचदेवा ने इस बात पर जोर दिया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश के सबसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है, जिसकी खेल परंपरा भी उतनी ही समृद्ध है। हाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले दो वर्षों से एमएकेए ट्रॉफी रैंकिंग में तीसरा स्थान प्राप्त किया है और पिछले वर्ष खेलो इंडिया प्रतियोगिता में 13वां स्थान हासिल किया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर इसके निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
सचदेवा ने बताया कि विश्वविद्यालय ने 16 अर्जुन पुरस्कार विजेता, पांच द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और नौ पद्म श्री पुरस्कार विजेता दिए हैं – जो इसकी सशक्त खेल संस्कृति और उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण तंत्र का प्रमाण है। उन्होंने संस्थान के आधुनिक और व्यापक खेल अवसंरचना पर भी प्रकाश डाला, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानक का स्विमिंग पूल, हर मौसम में उपयोग होने वाली तैराकी सुविधा, अत्याधुनिक शूटिंग रेंज, सिंथेटिक हॉकी मैदान और व्यापक इनडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं शामिल हैं।
विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिसका उद्देश्य एथलीटों को उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं और सहायता प्रदान करना है।
सचदेवा ने प्रतिभागियों को परिणामों की चिंता किए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, समर्पण और खेल भावना बनाए रखने का आग्रह किया और कहा कि उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए दृढ़ता और टीम भावना महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोजन समिति ने सुचारू और सफल चैंपियनशिप सुनिश्चित करने के लिए आवास और भोजन की व्यापक व्यवस्था की है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मनोज कुमार ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को जोश, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित किया।
खेल निदेशक प्रोफेसर दिनेश कुमार राणा ने बताया कि चैंपियनशिप में 1,600 खिलाड़ी, 300 कोच और प्रबंधक, 45 तकनीकी अधिकारी और 40 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। इस आयोजन ने देश भर के विश्वविद्यालयों से शीर्ष मुक्केबाजी प्रतिभाओं को एक साथ लाया है, जिससे खेल उत्कृष्टता के अग्रणी केंद्र के रूप में विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।


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