हिमाचल प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने सोमवार को कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचपीएसएएमबी) की वर्ष 2023-24 की लेखापरीक्षा रिपोर्ट में उजागर हुई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र किया।
यहां जारी एक बयान में जमवाल ने कहा कि ऑडिट के खुलासों से राज्य में “गहरी जड़ें जमाए संस्थागत भ्रष्टाचार” का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की और किसानों के हितों की रक्षा के लिए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
“ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 110 करोड़ रुपये से अधिक के अग्रिमों का न तो उचित समायोजन किया गया और न ही उनका स्पष्ट लेखा-जोखा रखा गया। इसके अलावा, जमा खातों में लगभग 49 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी पाई गई है। यह महज तकनीकी चूक नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय कदाचार का एक गंभीर मामला है,” उन्होंने कहा।
जमवाल ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई अग्रिम भुगतान वर्षों से लंबित पड़े हैं, उपयोग प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं और खातों के मिलान के दौरान महत्वपूर्ण विसंगतियां पाई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) खातों और बैंक बैलेंस के बीच का अंतर वित्तीय प्रबंधन की पूर्ण विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों और बाजार समितियों के लिए आवंटित धन का उचित उपयोग न करना राज्य के खाद्य उत्पादकों के साथ अन्याय है, और उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के इरादे और नीतियां दोनों ही संदेह के घेरे में हैं।


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