March 3, 2026
National

नाराजगी और मतभेद भुलाकर गले मिलने का पर्व है होली: संजय सेठ

Holi is a festival of forgetting resentment and differences and embracing each other: Sanjay Seth

3 मार्च । रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मंगलवार को होली के पावन पर्व पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इस पर्व को अच्छे से मनाने और पुरानी नाराजगी, मतभेद और झगड़े भूलकर आगे बढ़ने के लिए कहा।

संजय सेठ ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि होली एक प्यारा और सुंदर त्योहार है, जो लोगों को एक-दूसरे के करीब लाता है। यह पुरानी नाराजगियां, मतभेद और झगड़े भूलकर गले मिलने का पर्व है। साल भर की कोई भी असहमति या विवाद हो, होली पर मिलने से सब दूर हो जाता है।

उन्होंने होली को सैकड़ों साल पुराना त्योहार बताते हुए कहा कि इसे पूरे उत्साह से मनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “लोगों को होली के अलावा दिवाली, शिवरात्रि और सावन जैसे सभी धार्मिक पर्व मनाने चाहिए। कुछ लोग हमारे त्योहार मनाने पर आपत्ति जताते हैं। वे कहते हैं, ‘होली मत मनाओ, पानी बर्बाद होता है, तो मैं उनसे पूछता हूं कि आप अपनी कारों को धोने में कितना पानी खर्च करते हैं? आप अपने बगीचे में कितना पानी डालते हैं? वहीं, जब दिवाली आती है, तो ये लोग कहते हैं, ‘होली मत मनाओ,’ और 25 और 31 दिसंबर को मनाते हैं और पटाखे फोड़ते हैं। उसका क्या?”

उन्होंने आगे कहा, “हम भोले बाबा को दूध जरूर चढ़ाएंगे, क्योंकि उनका नाम ही भोला है।”

उन्होंने ‘नमो श्री अन्ना होली मिलन समारोह’ का जिक्र किया, जहां 2023 से हजारों लोग शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री के मोटे अनाज और बाजरा पर संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि आज बाजरा, ज्वार, रागी, मक्का और मालवा जैसे अनाज आसानी से मिल रहे हैं। इससे लोग स्वस्थ रहेंगे और छोटे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।

संजय ने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह त्योहार सभी के जीवन में खुशियां लाए। होली का सबसे बड़ा दिन 15 अगस्त 2047 को होगा, जब प्रधानमंत्री के विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा। उस दिन पूरा देश विकास के रंग में रंग जाएगा।”

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