March 7, 2026
National

एलपीजी सिलेंडर महंगा होने पर लोगों की नाराजगी, पूछा-गरीब लोग कहां जाएं

People are angry over the high cost of LPG cylinders and ask where should the poor go?

7 मार्च । शनिवार को एलपीजी के दाम में बढ़ोतरी की गई है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपए का इजाफा किया गया है। एलपीजी के दाम बढ़ने पर लोगों के रिएक्शन सामने आ रहे हैं।

दिल्ली के एक शख्स ने आईएएनएस से कहा कि महंगाई पर प्रतिबंध लगना चाहिए। आए दिन किसी न किसी चीज के दाम बढ़ जा रहे हैं। उससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है। किसी तरह महंगाई पर कंट्रोल हो, ऐसा कोई उपाय होना चाहिए। दिल्ली की एक महिला ने कहा कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से बहुत परेशानी है।

अंबाला की रहने वाली प्रेम लता ने कहा कि ये जो संघर्ष चल रहा है, इससे हमें दिक्कत हो रही है। सिलेंडर के दाम बढ़ गए और हर एक चीज महंगी हो गई है। आप बताओ गरीब लोग कहां जाएं? लड़ाई तो वहां हो रही हैं, महंगाई हमारे यहां हो रही है।

कंचन हीरा ने कहा कि आज जो सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। इसकी पीछे की वजह पिछले सात दिनों से अमेरिका-इजरायल का ईरान पर हमला है। संघर्ष चलने से पूरे विश्व में महंगाई की मार पड़ेगी।

पुणे की रहने वाली एक महिला ने कहा कि कीमतों में अचानक हुई यह वृद्धि चौंकाने वाली है। इसे कम से कम सीमित किया जाना चाहिए। अगर कीमतें इस तरह अचानक बढ़ती हैं, तो यह आम लोगों या परिवारों के लिए अच्छा नहीं है।

पुणे की ही रहने वाली एक और महिला ने कहा कि गैस की बढ़ती कीमतें अच्छी बात नहीं हैं। इससे सभी गृहिणियों और हर घर पर असर पड़ेगा क्योंकि रसोई के खर्चे बढ़ जाएंगे। इसके साथ ही, जिन रेस्तरां में हम खाना खाने जाते हैं, वहां भी कीमतें बढ़ जाएंगी।

पुणे की रहने वाली पूजा गिरी ने कहा कि सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमत बढ़ा दी है और मुझे लगता है कि इसका असर सभी पर पड़ेगा। गरीब लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, लेकिन मध्यम वर्ग और अन्य लोगों पर भी इसका असर पड़ेगा।

रांची के रहने वाले राकेश मिश्रा ने आईएएनएस से कहा कि जितनी जल्दी हो सके, स्थिति नॉर्मल हो जाए। इससे जनता की जेब पर भार पड़ रहा है।

गैस सिलेंडर बढ़ने के पीछे की वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल में वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी मध्य पूर्व में सैन्य तनाव के बढ़ने के बाद आई है। इस संघर्ष ने ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है और वैश्विक तेल व गैस मार्गों में आपूर्ति स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

Leave feedback about this

  • Service