अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देहरा के बछट भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि आज जेआईसीए वानिकी परियोजना से जुड़ी महिलाएं सशक्तिकरण का उदाहरण बन रही हैं। ठाकुर ने राज्य भर में जेआईसीए की मेहनती महिलाओं की सराहना की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश की महिलाएं सशक्त हो चुकी हैं। वे पुरुषों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं, जिनसे अब उन्हें लाभ मिल रहा है।
ठाकुर ने परियोजना से जुड़ी दूरदराज के इलाकों की महिलाओं से ऑनलाइन और कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से सीधे बातचीत की। इससे पहले, मुख्य परियोजना निदेशक डॉ. संजय सूद ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वानिकी परियोजना से जुड़कर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अपनी आजीविका में सुधार करके अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। चंडीगढ़ स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक एवं अनुसंधान संस्थान की प्रोफेसर और अकादमिक विशेषज्ञ सलाहकार डॉ. मीनाक्षी सूद ने भी कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को संबोधित किया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए स्टॉल लगाए गए और विधायक कमलेश ठाकुर ने इसकी सराहना की। इस अवसर पर विधायक ठाकुर ने देहरा, धर्मशाला, नूरपुर और पालमपुर वन प्रभागों के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया। 18 अन्य वन प्रभागों के स्वयं सहायता समूहों को ऑनलाइन सम्मानित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, जेआईसीए वानिकी परियोजना ने सभी वन प्रभाग स्तरों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिनकी अध्यक्षता संबंधित वन प्रभाग अधिकारियों ने की। इस अवसर पर हमीरपुर के सीएफ निशांत मंधोत्रा, धर्मशाला के सीएफ बसु कौशल, परियोजना निदेशक श्रेष्ठ नंद शर्मा, देहरा के वन मंडल अधिकारी सनी वर्मा और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।


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