10 मार्च । भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी जानती है कि बंगाल में उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा। इसीलिए वो जानबूझकर विवादास्पद मुद्दे उठा रही है। उनकी अपनी सरकार की कोई उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयोग और एसआईआर को निशाना बना रहे हैं। टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दुर्व्यवहार किया। टीएमसी पूरी तरह से अराजक पार्टी बन गई है और इस चुनाव में ममता दीदी की विदाई तय है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर हैं। उनके नेतृत्व में उत्कृष्ट कार्य हुए हैं और बिहार में विकास की गति रुकने वाली नहीं है। उन्होंने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि उस तस्वीर में आदरणीय आडवाणी खड़े नहीं हो सकते थे, इसलिए वे बैठे हुए थे। उन्हें बैठे हुए ही भारत रत्न पुरस्कार दिया जाना था, इसीलिए ऐसी तस्वीर सामने आई। वहीं, टीएमसी जानबूझकर ऐसी तस्वीर को सार्वजनिक कर रही है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव की समीक्षा करने के लिए दो दिन के बंगाल के दौरे पर है। टीएमसी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के खिलाफ धरना दे रही हैं। ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर निशाना साध रही हैं।
बता दें कि एक दिन पहले 9 मार्च को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की थी।
समीक्षा के दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों, जैसे आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी के प्रतिनिधियों और मान्यता प्राप्त राज्य राजनीतिक दलों, जैसे अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनके सुझाव मांगे।
अधिकांश राजनीतिक दलों ने पश्चिम बंगाल राज्य में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे व्यापक एसआईआर (एसआईआर) की सराहना की और चुनाव आयोग पर अपना पूरा विश्वास जताया। राजनीतिक दलों ने आयोग से आगामी चुनावों के दौरान मतदाताओं के साथ किसी भी प्रकार की आक्रामकता या धमकी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने चुनाव आयोग से शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से प्रत्येक मतदाता को सुरक्षा प्रदान करने और चुनावों के दौरान हिंसा को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सीएपीएफ तैनात करने का आह्वान किया। दलों ने कुछ दलों द्वारा कच्चे बमों, अवैध हथियारों, धन और बाहुबल के इस्तेमाल की संभावना पर चिंता व्यक्त की।


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