तेहरान, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने देश के ‘दुश्मन’ से मुआवजे की मांग दोहराई है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने टेलीग्राम अकाउंट पर किए गए एक पोस्ट में कहा, “हम दुश्मन से मुआवजा लेंगे और अगर वह मना करता है, तो हम उसकी जितनी प्रॉपर्टी ले लेंगे जितनी तय करेंगे। अगर यह संभव नहीं हुआ, तो हम उसकी उतनी ही प्रॉपर्टी नष्ट कर देंगे।”
पिछले दिनों ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने देश के नाम अपने पहले मैसेज में लगातार प्रतिरोध जारी रखने का आह्वान किया और होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखे जाने का ऐलान किया। एक संदेश में मोजतबा खामेनेई ने संघर्ष में मारे गए लोगों का बदला लेने की भी कसम खाई और कहा कि तेहरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा।
स्थानीय मीडिया के अनुसार यह संदेश ईरान के सरकारी टेलीविजन पर एक महिला प्रेजेंटर ने पढ़कर सुनाया। संदेश में यह भी कहा गया कि हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का विकल्प सुरक्षित रखा जाना चाहिए। चेतावनी दी गई कि जरूरत पड़ने पर ईरान अन्य मोर्चे भी खोल सकता है।”
संदेश में यह भी कहा गया कि ईरान पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहता है और सिर्फ उन ठिकानों को निशाना बनाएगा, जहां से उस पर हमले किए जाएंगे।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, “इस्लामिक रिपब्लिक के तीसरे सुप्रीम लीडर, खामेनेई के नाम से यह संदेश उनकी लोकेशन, स्वास्थ्य स्थिति या शारीरिक स्थिति के बारे में कोई जानकारी दिए बिना जारी किया गया था।”
इसी बीच, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं और उन्हें छिपने के लिए मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि देश की मिलिट्री लीडरशिप तेज अमेरिकी हमलों के बीच जूझ रही है।
पेंटागन में एक ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने कहा कि सैन्य अभियान जारी रहने के कारण ईरान का नेतृत्व लगातार बढ़ते दबाव का सामना कर रहा है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को, इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के दूसरे शहरों पर हमले किए, जिसमें ईरान के उस समय के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और सीनियर मिलिट्री कमांडर भी मारे गए। ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन के जरिए हमले किए, जिसमें इजरायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस और एसेट्स को टारगेट किया गया।
अली खामेनेई की मौत के बाद 8 मार्च को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना।


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