हिमाचल प्रदेश सरकार ने श्याम भगत नेगी को राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत सौंपा है। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी नेगी 23 से 31 मार्च तक दोनों पदों पर रहेंगे, जो उनकी 31 मार्च को सेवानिवृत्ति से कुछ ही दिन पहले है। वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत नेगी की यह नियुक्ति एक अंतरिम व्यवस्था है।
यह कदम अशोक तिवारी की छुट्टी के बाद उठाया गया है, जो वर्तमान में डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। तिवारी 23 से 31 मार्च तक छुट्टी पर रहेंगे और 1 अप्रैल को कार्यभार संभालने की उम्मीद है, जब वे दोनों पदों का कार्यभार फिर से ग्रहण करेंगे।
पिछले साल जुलाई में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से अपने मूल विभाग में लौटने पर नेगी को हिमाचल प्रदेश का डीजीपी नियुक्त किए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, सरकार ने इसके बजाय अशोक तिवारी को अतिरिक्त डीजीपी का प्रभार सौंपने का विकल्प चुना। बाद में नेगी को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।
अशोक तिवारी के 1 अप्रैल को छुट्टी से लौटने के साथ, हिमाचल प्रदेश पुलिस नेतृत्व से बिना किसी व्यवधान के मौजूदा व्यवस्था पर वापस लौटने की उम्मीद है, जिससे राज्य के पुलिसिंग और सतर्कता कार्यों में प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित होगी।


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