March 23, 2026
National

पश्चिम एशिया संकट पर प्रियंका गांधी बोलीं, “संसद में चर्चा स्वागतयोग्य पर कदम उठाने में बहुत देर हुई”

Priyanka Gandhi on West Asia crisis: “Discussion in Parliament welcome, but action too late”

23 मार्च । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा को संबोधित करने और उच्चस्तरीय बैठकों के आयोजन के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की भूमिका और समयबद्धता पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री के संबोधन का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम पहले ही उठा लिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हालांकि देरी हुई लेकिन अब इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होना सकारात्मक है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पश्चिम एशिया की स्थिति को बेहद नाजुक बताते हुए कहा कि हालात अचानक गंभीर हो गए हैं। ईरान द्वारा इजरायल के परमाणु अनुसंधान रिएक्टर को निशाना बनाने की कोशिश और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने तनाव को और बढ़ा दिया है।

मनीष तिवारी ने कहा कि इस संकट का असर सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं है बल्कि खाद, खाद्य पदार्थों और दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो रही है।

वहीं, संभावित बिजली दरों में वृद्धि पर कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई केवल बिजली तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि हर क्षेत्र में कीमतें बढ़ेंगी, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ेगा।

कांग्रेस के चमाला किरण कुमार रेड्डी ने प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई उच्च-स्तरीय बैठक का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि शुरुआत से ही संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण फैसले संसद और अन्य राजनीतिक दलों से बाहर ले रही है।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने भी सरकार की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती तो एलपीजी और तेल संकट को टाला जा सकता था। उन्होंने वर्तमान स्थिति को “पोस्टमॉर्टम” जैसा करार दिया।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि विपक्ष लगातार एलपीजी की कमी और जनता की परेशानियों को उठा रहा था लेकिन सरकार ने देरी से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर बल दिया।

इस बीच, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भाजपा की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी का बढ़ता बैंक बैलेंस चिंताजनक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर कार्रवाई करने में दो हफ्ते की देरी की जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पहले ही इस विषय को उठा चुके थे।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, “प्रधानमंत्री ने दो हफ्ते बाद कार्रवाई की जबकि यह दो हफ्ते पहले ही हो जानी चाहिए थी। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दो हफ्ते पहले ही यह मुद्दा उठाया था और पूछा था कि प्रधानमंत्री इस पर ध्यान देने में इतना समय क्यों ले रहे हैं। हालाँकि, प्रधानमंत्री चुनावी प्रचार में व्यस्त थे। चुनाव कार्यक्रम पूरा होने के बाद, उन्होंने मंत्रियों के साथ चर्चा की। तब तक, कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतें लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ चुकी थीं।”

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