March 23, 2026
National

केरल में सीपीआई (एम)-भाजपा के गुप्त समझौते के आरोप बेबुनियाद, हार के डर से कांग्रेस फैला रही भ्रम: पिनाराई विजयन

Allegations of a secret CPI(M)-BJP pact in Kerala are baseless, Congress spreading confusion out of fear of defeat: Pinarayi Vijayan

23 मार्च । केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस के उस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच कोई गुप्त समझौता हुआ है। उन्होंने सोमवार को कहा कि यह आरोप यूडीएफ के हार के डर से निकला है। विजयन ने जोर देकर कहा कि 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को केरल में एक भी सीट नहीं मिलेगी।

चुनाव प्रचार तेज होने के साथ कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने इस कथित “सौदे” को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बना लिया है। यूडीएफ का मकसद अल्पसंख्यक वोटों को सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की तरफ जाने से रोकना है। कांग्रेस का दावा है कि सीपीआई (एम) कुछ चुनिंदा सीटों पर कमजोर उम्मीदवार उतारकर बीजेपी की चुपके से मदद कर रही है, जिससे भगवा पार्टी को राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने का मौका मिल रहा है।

मुख्यमंत्री विजयन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही ऐतिहासिक रूप से भाजपा के साथ समझौते करती आई है। उन्होंने केरल की राजनीति में चर्चित कांग्रेस-लीग और भाजपा गठजोड़ का जिक्र किया और दावा किया कि कई साल पहले एक आरएसएस नेता ने भी कई क्षेत्रों में कांग्रेस के समर्थन की बात कबूल की थी। विजयन के मुताबिक, हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भी कुछ जगहों पर इसी तरह का सहयोग देखा गया था।

उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा का विकास बहुत सीमित रहा है। वोट शेयर में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पार्टी इसे सीटों में बदलने में नाकाम रहेगी। विजयन ने भरोसा जताया कि एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगा और उसकी सीटें भी बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है।

यह बयान चुनावी माहौल को और गरमाने वाला है, जहां एलडीएफ और यूडीएफ दोनों एक-दूसरे पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगा रहे हैं। भाजपा की तरफ से भी केरल में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन एलडीएफ इसे नकार रही है।

हालांकि, कांग्रेस ने सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच गुप्त गठजोड़ को धर्मनिरपेक्ष वोटों के लिए बड़ा खतरा बताया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह आरोप राहुल गांधी द्वारा पहले उठाए गए सीजेपी (सीपीआई (एम)-भाजपा) नैरेटिव का ही विस्तार है। अब इसे चुनाव से ठीक पहले और तेज कर दिया गया है, क्योंकि मुकाबला कड़ा होने वाला है।

सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि वे यूडीएफ के अंदरूनी झगड़ों को छिपाने के लिए झूठ फैला रहे हैं। चुनाव प्रचार जैसे-जैसे तेज हो रहा है, सौदा या गुप्त समझौता का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बन गया है। दोनों तरफ के नेता इस आरोप-प्रत्यारोप के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना यह है कि कांग्रेस का यह नैरेटिव लोगों पर कितना असर डाल पाता है या एलडीएफ का जवाब कितना मजबूत साबित होता है। यह सवाल केरल के 2026 विधानसभा चुनावों के नतीजों पर काफी हद तक असर डाल सकता है।

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