March 25, 2026
Entertainment

आज जो कुछ भी हूं… जब सुधा चंद्रन ने ‘जयपुर फुट’ को दिया इंटरनेशनल सेलिब्रिटी बनने का श्रेय

Who I am today… When Sudha Chandran credited ‘Jaipur Foot’ for becoming an international celebrity

25 मार्च । अभिनेत्री और नृत्यांगना सुधा चंद्रन ने अपनी प्रेरणादायक यात्रा को याद करते हुए कहा कि उन्हें इंटरनेशनल सेलिब्रिटी का दर्जा दिलाने में ‘जयपुर फुट’ का सबसे बड़ा योगदान है।

लहरें टीवी द्वारा शेयर किए गए एक पुराने वीडियो में सुधा भावुक होकर डॉ. पी.के. सेठी और राजस्थान का शुक्रिया अदा करती नजर आईं। वीडियो में सुधा चंद्रन कहती नजर आईं, “आज सुधा चंद्रन ‘जयपुर फुट’ (एक प्रकार का कृत्रिम पैर) की वजह से एक इंटरनेशनल सेलिब्रिटी बन गई है। डॉ. पी.के. सेठी का शुक्रिया। मैं आज जो कुछ भी हूं, राजस्थान की वजह से हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस तेजी से आगे बढ़ती दुनिया में भी कुछ लोगों के पास समाज सेवा के लिए समय है और मुझे बहुत खुशी है कि मैं भी इस नेक काम में छोटा सा योगदान दे पा रही हूं।”

सुधा चंद्रन की यह यात्रा कई दिव्यांगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उनका मानना है कि सपोर्ट और इच्छाशक्ति से बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है। ‘जयपुर फुट’ जैसी आसान लेकिन बेहतरीन तकनीक ने न सिर्फ सुधा का जीवन बदला, बल्कि हजारों दिव्यांगों को नई जिंदगी दी। सुधा चंद्रन ने यह भी उम्मीद जताई कि वे दिव्यांगता से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने में मदद कर पाएंगी। उन्होंने कहा, “मैं डिक्शनरी से ‘हैंडिकैप’ या ‘दिव्यांग’ जैसे शब्दों को मिटाने की कोशिश करना चाहूंगी। इसके लिए आपका साथ और प्यार हमेशा मेरे साथ रहेगा।”

एक दुर्घटना में सुधा चंद्रन ने अपना एक पैर खो दिया था। इसके बाद उन्हें ‘जयपुर फुट’ लगाया गया। इसी की मदद से वह दोबारा नृत्य और अभिनय की दुनिया में लौट पाईं। उनकी इस संघर्षपूर्ण यात्रा को 1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘नाचे मयूरी’ में दिखाया गया था, जिसमें उन्होंने खुद अपनी कहानी को पर्दे पर जिया था।

टेलीविजन पर सुधा चंद्रन ‘कहीं किसी रोज’ शो में ‘रमोला सिकंद’ के नेगेटिव किरदार के लिए खूब चर्चित रहीं। उनके स्टाइल स्टेटमेंट और अनोखे तरीके से बिंदी लगाने का अंदाज दर्शकों को बहुत पसंद आया था।

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