March 27, 2026
National

हजारीबाग में मासूम से दरिंदगी पर आक्रोश, 72 घंटे बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार

Outrage over brutality against innocent child in Hazaribagh, last rites not performed even after 72 hours

27 मार्च । झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ के कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। वारदात के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार ने इंसाफ की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए हेमंत सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने शुक्रवार को कुसुंबा का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शनिवार तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो सोमवार को हजारीबाग जिला बंद रहेगा। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन और ‘झारखंड बंद’ का आह्वान किया जाएगा। 12 वर्षीय बच्ची का शव बुधवार को गांव के पास झाड़ी से बरामद किया गया था। मंगलवार की शाम गांव में रामनवमी महापर्व के उपलक्ष्य में मंगला जुलूस निकाला गया था। बच्ची भी जुलूस देखने गई थी, लेकिन जब वह रात आठ बजे तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। रात भर गांव और आसपास के इलाकों में तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला।

इसके बाद बुधवार बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला था। जांच में यह बात सामने आई कि हत्या के पहले बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था। इस घटना को लेकर पूरे जिले में जनाक्रोश उबाल पर है। शुक्रवार को मृतका के परिजनों से मिलने पहुंचे भाजपा नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और सांसद मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि इतनी संवेदनशील और जघन्य घटना के बावजूद अब तक जिले के उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं की है। भाजपा नेताओं ने कहा कि पुलिस के वरीय अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं और 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी एक भी अपराधी सलाखों के पीछे नहीं है। पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने भी सरकार की निष्क्रियता पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन दिनों से मासूम का शव गांव में पड़ा है, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीनता चरम पर है।

इधर, मामले की जांच को लेकर विष्णुगढ़ के एसडीपीओ बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और पुलिस अपराधियों के बेहद करीब है।

एसडीपीओ ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है। हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि यदि 24 घंटे के भीतर ठोस परिणाम नहीं दिखे, तो जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन के साथ आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

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