वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र में मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान (CHEERAG) योजना से लाभान्वित होने की उम्मीद कर रहे 1.8 लाख रुपये से 8 लाख रुपये के बीच वार्षिक आय वाले परिवारों को बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए अधिकतम वार्षिक आय पात्रता बढ़ाने के अपने निर्णय को वापस ले लिया है। 28 जनवरी को घोषित 1.80 लाख रुपये से 8 लाख रुपये तक की वृद्धि को रद्द कर दिया गया है।
राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के वे छात्र जो मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं और जिनकी पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष या उससे कम है, चीराग योजना के तहत लाभ के पात्र होंगे। आय का सत्यापन परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्ज विवरणों के आधार पर किया जाएगा।
चीराग योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में प्रवेश की सुविधा प्रदान करके उन्हें मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सूचना में आगे कहा गया है कि आवेदकों के लिए पीपीपी (व्यक्तिगत सहयोग और साझेदारी) अनिवार्य होगी और केवल संशोधित आय मानदंडों को पूरा करने वाले परिवार ही प्रवेश लाभ के पात्र होंगे।
इसके अतिरिक्त, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे योजना के लिए अद्यतन पात्रता मानदंडों का सख्ती से पालन करते हुए शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करें।


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