April 2, 2026
National

भारत के रक्षा निर्यात में वित्त वर्ष 2026 में 62 प्रतिशत की बड़ी उछाल, 80 से ज्यादा देशों तक हुआ विस्तार

India’s defence exports to witness a massive jump of 62 per cent in FY26, expanding to over 80 countries

2 अप्रैल । सरकार ने गुरुवार को बताया कि भारत के रक्षा निर्यात में वित्त वर्ष 2025-26 में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 62.66 प्रतिशत ज्यादा है।

सरकार के अनुसार, इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक उपक्रम (डीपीएसयू) और निजी क्षेत्र, दोनों का अहम योगदान रहा। कुल निर्यात में डीपीएसयू का हिस्सा 54.84 प्रतिशत और निजी कंपनियों का 45.16 प्रतिशत रहा।

रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि यह उपलब्धि भारत को दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातक देशों में शामिल करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप है।

डीपीएसयू के निर्यात में पिछले साल के मुकाबले 151 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई, जबकि निजी क्षेत्र ने भी 14 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर अपनी मजबूत मौजूदगी दिखाई।

मूल्य के हिसाब से देखें तो निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपए का निर्यात किया, जबकि डीपीएसयू का योगदान 21,071 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष में ये आंकड़े क्रमशः 15,233 करोड़ रुपए और 8,389 करोड़ रुपए थे।

भारत अब केवल रक्षा प्रणालियों और उप-प्रणालियों का भरोसेमंद वैश्विक साझेदार ही नहीं है, बल्कि वित्त वर्ष 2026 तक 80 से ज्यादा देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। साथ ही, निर्यातकों की संख्या भी बढ़कर 128 से 145 हो गई है, जो 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है।

यह दर्शाता है कि भारतीय रक्षा उत्पादों को वैश्विक स्तर पर तेजी से स्वीकार किया जा रहा है और यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस शानदार प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि भारत रक्षा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक नई सफलता की कहानी लिख रहा है।

सरकार के अनुसार, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने और निर्यातकों को सुविधाएं देने के लगातार प्रयासों से भारत का रक्षा उद्योग अब अधिक प्रतिस्पर्धी और प्रदर्शन-आधारित बन गया है।

Leave feedback about this

  • Service