April 3, 2026
Entertainment

रोहित शेट्टी फायरिंग केस: जेल में बैठे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में था गोलू पंडित, वीपीएन के जरिए करता था बातें

Rohit Shetty firing case: Golu Pandit was in contact with the jailed Lawrence Bishnoi gang, communicating via VPN.

3 अप्रैल । मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में अब एक बेहद चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस केस में गिरफ्तार आरोपी गोलू पंडित उर्फ प्रदीप शर्मा का सीधा संपर्क कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से था।

पूछताछ के दौरान गोलू ने दावा किया कि वह एक मिडल मैन के जरिए वीपीएन का इस्तेमाल कर गैंग के सरगना और अमेरिका में बैठे हेरी बॉक्सर से संपर्क में था।

मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, गोलू पंडित पर्दे के पीछे रहकर पूरे नेटवर्क को संभाल रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि गोलू ने कनेक्टर की भूमिका निभाई, यानी उसने शूटर और गैंग के लोगों के बीच पुल का काम किया। उसने मुख्य शूटर दीपक को गैंग से जुड़े लोगों से मिलवाया और उसे इस वारदात के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद गोलू पंडित फरार हो गया था और उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए मोबाइल नंबर और लोकेशन बदल ली थी। हालांकि पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली और आखिरकार उसे आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस उस मिडलमैन की तलाश में जुटी है, जिसके जरिए गोलू गैंग से संपर्क करता था।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कड़ी तक पहुंचना बेहद जरूरी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

31 जनवरी की देर रात जुहू स्थित रोहित शेट्टी के घर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। हमलावरों ने इमारत की पहली मंजिल को निशाना बनाते हुए कई राउंड गोलियां चलाई थीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के तुरंत बाद मुंबई पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस हमले के पीछे उगाही का मकसद था। आरोपियों को पैसों का लालच देकर इस वारदात के लिए तैयार किया गया था। मुख्य शूटर दीपक शर्मा को 15 लाख रुपए देने का वादा किया गया था, जिसमें से 50 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे।

अब तक इस मामले में 14 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें शूटर, हथियार सप्लाई करने वाले और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

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