8 अप्रैल । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही पार्टी ने राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 293 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए हैं।
इस बीच, भाजपा नेता राकेश सिंह मंगलवार दोपहर को प्रेसिडेंसी जेल से रिहा हुए। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी, ताकि वे कोलकाता पोर्ट सीट से चुनाव लड़ सकें। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया , जिससे उनके प्रति स्थानीय स्तर पर समर्थन का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हालांकि रिहाई के समय तक भाजपा ने औपचारिक रूप से उन्हें उम्मीदवार घोषित नहीं किया था लेकिन पार्टी ने उच्च न्यायालय को पहले ही सूचित कर दिया था कि राकेश सिंह ही इस सीट से उसके उम्मीदवार होंगे। अब आधिकारिक घोषणा के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल निर्धारित की गई है और उम्मीद है कि राकेश सिंह उसी दिन अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
न्यायमूर्ति कौसिक चंदा ने अपने जमानत आदेश में यह स्पष्ट किया कि यदि राकेश सिंह को पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन नहीं मिलता है, तो राज्य सरकार उनकी जमानत रद्द करने के लिए आवेदन कर सकती है। इस टिप्पणी से अदालत ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि जमानत का उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी तक सीमित रहे।
वहीं, राज्य सरकार ने राकेश सिंह की जमानत का विरोध करते हुए उनके आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला दिया। सरकार के अनुसार, चुनाव आयोग के पोर्टल पर सिंह को “अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले” और “उपद्रवी” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि राकेश सिंह ने उच्च न्यायालय में दलील दी कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उन्हें या तो नियमित जमानत या अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। राज्य में करीब 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं। इनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 बताई जा रही है। खास बात यह है कि यह तैनाती पिछले चुनाव के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है, जो इस बार सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है।
इस बार महिला सुरक्षा कर्मियों की भी रिकॉर्ड संख्या में तैनाती की गई है। जानकारी के मुताबिक, करीब 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान यानी लगभग 200 कंपनियां चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं।


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