कुरुक्षेत्र पुलिस ने मानसिक रूप से विक्षिप्त अपने छोटे भाई की हत्या के आरोप में पंजाब के दो निवासियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने भाई के हाथ-पैर बांधकर उसे जिंदा नहर में फेंक दिया था। मृतक की पहचान मोहाली के घोलू माजरा गांव के निवासी गुरमुख के रूप में हुई है।
आरोपियों की पहचान उनके बड़े भाइयों राजेंदर और राकेश के रूप में हुई है, जो मोहाली के ही निवासी हैं। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
सीआईए-2 के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि 20 मार्च को नरवाना शाखा नहर में एक शव मिला, जिसे गोताखोर परगत सिंह ने बरामद किया। मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो पाई थी। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे, जिसके बाद इस्माइलाबाद पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पता चला कि गुरमुख अपने घर से लापता था, लेकिन परिवार ने गुमशुदगी की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
परिवार संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहा, जबकि कुछ ग्रामीणों ने संदेह व्यक्त किया। इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि गुरमुख के बड़े भाई राजेंद्र और राकेश उसे दोपहिया वाहन पर ले गए थे। इस सबूत के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि गुरमुख सातवीं कक्षा में फेल हो गया था, जिसके कारण उसे मानसिक आघात लगा। पिछले 17-18 वर्षों से उसका विभिन्न अस्पतालों और केंद्रों में इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। मानसिक अस्थिरता के कारण गुरमुख कथित तौर पर बच्चों समेत परिवार के सदस्यों के प्रति हिंसक हो गया था, जिससे यह आशंका बढ़ गई थी कि वह कोई गंभीर अपराध कर सकता है।
सीआईए-2 के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि मृतक अविवाहित था। 12 मार्च को दोनों भाइयों ने कथित तौर पर गुरमुख की हत्या की साजिश रची। वे उसे इलाज कराने के बहाने मोटरसाइकिल पर ले गए। रास्ते में उन्होंने एक दुकान से प्लास्टिक की रस्सी खरीदी। कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद इलाके में उन्होंने गुरमुख के हाथ-पैर बांध दिए और उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया।


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