April 13, 2026
Entertainment

आशा भोसले के निधन पर रामदास आठवले ने जताया गहरा शोक, कहा- भारतीय संगीत ने खो दी अपनी मधुरता

Ramdas Athawale expressed deep grief over the demise of Asha Bhosle, saying – Indian music has lost its sweetness

13 अप्रैल । महान गायिका आशा भोसले के निधन से भारतीय सिनेमा और संगीत जगत में शोक की लहर है। उनके निधन ने पूरे देश में गहरा शोक व्याप्त कर दिया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार को आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

रामदास आठवले ने कहा, “महान गायिका आशा भोसले के निधन से भारतीय सिनेमा ने अपनी मधुरता खो दी है। भारतीय संगीत की मधुरता खो गई है। उनके निधन ने सभी भारतीयों के दिलों में गहरा दुख और पीड़ा भर दी है। भारतीय फिल्म उद्योग को अपूरणीय क्षति हुई है।”

रामदास आठवले ने आशा भोसले को संगीत और गायन क्षेत्र में भारत का ‘कोहिनूर’ बताते हुए कहा, “आशा भोसले हिंदी, मराठी समेत कई भाषाओं में गीत गा चुकी हैं। वे गायन कला में पूरी तरह पारंगत थीं। उनकी आवाज अत्यंत मधुर और अनुपम थी। उन्होंने फिल्म उद्योग में एक बेमिसाल उदाहरण पेश किया।”

उन्होंने आगे कहा, “आशा भोसले ने महान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और ‘भीम गीतों’ की महिमा का बखान करने वाले शानदार गीत भी गाए। उनके लाखों प्रशंसक न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। उनके द्वारा गाए गए सैकड़ों गीत आज भी लोगों के दिलों में गूंजते हैं।”

आठवले ने भावुक होते हुए कहा, “भले ही वे शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी मधुर आवाज मृत्यु पर विजय प्राप्त करती है। उनकी आवाज, उनके गीत और उनकी यादें सदैव अमर रहेंगी। संगीत के क्षेत्र में पूरे भारत की ‘आशा’ वास्तव में आशा भोसले ही थीं।”

आरपीआई अध्यक्ष ने पूरे देश और पार्टी की ओर से आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनकी अमर आवाज आने वाली पीढ़ियों को भी संगीत की प्रेरणा देती रहेगी।

आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ा आघात माना जा रहा है। उनके योगदान को याद करते हुए रामदास अठावले ने कहा कि वे सदैव भारतीय संगीत इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेंगी।

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