April 15, 2026
Sports

साइकिल से माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पहुंची गोरखपुर की दिव्या सिंह, बोली-‘साइकिलिंग और ट्रैकिंग जूनून’

Divya Singh of Gorakhpur reached Mount Everest Base Camp by bicycle, said- ‘Cycling and trekking are my passion’

 

गोरखपुर, गोरखपुर की रहने वाली दिव्या सिंह साइकिल से माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचीं। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं दुनिया की दूसरी और भारत की पहली महिला हूं जो साइकिल से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट, जो 17,560 फीट की ऊंचाई पर है, उसके बेस कैंप तक पहुंची हूं।

दिव्या सिंह ने कहा कि मैं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही हूं लेकिन इसके साथ-साथ मेरा जूनून साइकिलिंग और ट्रैकिंग भी है। इसको मैंने अपना जूनून बनाया और बेस कैंप तक पहुंची। काठमांडू से एवरेस्ट बेस कैंप लगभग 700 किमी की दूरी पर है। वहां तक पहुंचने में मुझे 14 दिन लगे। उन्होंने बताया कि मैंने अपनी यात्रा 16 मार्च को काठमांडू से शुरू की थी।

उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान आने वाली परेशानियों को लेकर बताया कि बारिश व बर्फबारी काफी ज्यादा थी। तापमान माइनस 20 से 25 डिग्री सेल्सियस था। बेस कैंप पहुंचने वाले दिन मौसम अच्छा था। उस दिन वहां का तापमान माइनस 12 डिग्री सेल्सियस था। उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर एक वक्त के बाद हवा काफी पतली हो जाती है। पर्यावरण में 50 प्रतिशत ही ऑक्सीजन रहता है। जिससे शारीरिक समस्याएं बढ़ने लगती हैं। साथ ही हार्ट बीट बढ़ जाती है। इस दौरान काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

बता दें कि दिव्या सिंह की यह उपलब्धि भारतीय महिलाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स और आत्मविश्वास का नया उदाहरण बन गई है। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लाखों युवतियों को प्रेरित कर रही है। उन्होंने साबित किया कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली कोई भी महिला बड़ी से बड़ी चुनौतियों को पार कर सकती है।

बीते महीने केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने महिलाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया था। केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं की फिटनेस और साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कोलकाता में फिट इंडिया पिंक साइक्लोथॉन में भी हिस्सा लिया था।

 

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